काशी तमिल संगमम् 4.0 : 216 प्रतिनिधि छात्रों का पहला दल कन्याकुमारी से वाराणसी के लिए हुआ रवाना...
कन्याकुमारी, 29 नवंबर। काशी तमिल संगमम (केटीएस) 4.0 के लिए 216 प्रतिनिधियों का पहला दल शनिवार को कन्याकुमारी से विशेष उद्घाटन ट्रेन से वाराणसी के लिए रवाना हो गया।
तमिलनाडु और काशी के बीच प्राचीन सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत रिश्तों को सुदृढ़ करने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल 'काशी तमिल संगमम' का चौथा संस्करण 2 से 15 दिसंबर तक वाराणसी में होगा।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, केटीएस 4.0 की पहली ट्रेन आज कन्याकुमारी से 45 प्रतिनिधियों के साथ रवाना हुई।यात्रा के दौरान तिरुचिरापल्ली तथा चेन्नई से भी छात्र उनके साथ जुड़ेंगे, जिससे पहले जत्थे में कुल 216 प्रतिनिधि होंगे। इस दल में 50 तमिल साहित्य विशेषज्ञ, 54 सांस्कृतिक विद्वान, इसके अलावा छात्र, शिक्षक, शिल्पकार, शास्त्रीय संगीतज्ञ और आध्यात्मिक ग्रंथों के प्रशिक्षक एवं विद्यार्थी शामिल हैं। कन्याकुमारी रेलवे स्टेशन पर स्थानीय विधायक एम.आर. गांधी ने जनता के साथ प्रतिनिधियों को विदा किया।
काशी तमिल संगमम 4.0 का औपचारिक उद्घाटन 2 दिसंबर को वाराणसी के नमो घाट पर होगा। इस वर्ष का कार्यक्रम विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसका आयोजन तमिलनाडु के पावन पर्व 'कार्तिगई दीपम' (4 दिसंबर) के साथ हो रहा है। आयोजन के दौरान 1,500 से अधिक प्रतिनिधि विभिन्न ज्ञान-विनिमय सत्रों में भाग लेंगे।
आठ दिवसीय भ्रमण में तमिलनाडु से आए प्रतिभागी वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या के सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन करेंगे। इनमें काशी विश्वनाथ मंदिर, नमो घाट, हनुमान घाट, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, सारनाथ और अयोध्या मंदिर प्रमुख हैं।
"एक भारत श्रेष्ठ भारत" थीम के तहत जागरूकता कार्यक्रमों के लिए चार प्रमुख सह-आयोजन भी किए जाएंगे। इस वर्ष के संगमम की थीम "लेट अस लर्न तमिल - तमिल कर्कलाम" का उद्देश्य भारतीय भाषाओं की एकात्मता के संदेश को मजबूत करना और तमिल भाषा-संस्कृति को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाना है।
इसके साथ ही 2 दिसंबर को 'सैज अगस्थ्य वाहन अभियान' भी प्रारंभ होगा, जो तेनकासी से काशी तक की ऐतिहासिक सांस्कृतिक यात्राओं की विरासत को रेखांकित करेगा। यह अभियान 12 दिसंबर को वाराणसी में समाप्त होगा। इसमें चे़रा, चोल, पांड्य, पल्लव और चालुक्य राजवंशों द्वारा स्थापित तमिलनाडु-काशी संबंधों से जुड़े शैक्षणिक प्रदर्शनों को शामिल किया जाएगा।
एक अन्य प्रमुख पहल "उत्तर प्रदेश के छात्रों को तमिल पढ़ाना" भी इस संस्करण में शुरू की जाएगी। इसके तहत उत्तर प्रदेश के 10 बैचों में 30-30 कॉलेज छात्र तमिलनाडु के चयनित महाविद्यालयों का दौरा करेंगे। सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ क्लासिकल तमिल (सीआईसीटी), चेन्नई के विशेषज्ञ संबंधित शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे, जो बाद में उत्तर प्रदेश के छात्रों को तमिल भाषा का परिचय देंगे।