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वाराणसी एयरपोर्ट घूसकांड में आरोपी कंपनी ने छोड़ा ठेका, हटाए गए तीन कर्मचारी...

वाराणसी एयरपोर्ट घूसकांड में आरोपी कंपनी ने छोड़ा ठेका, हटाए गए तीन कर्मचारी...

वाराणसी ब्यूरो बाबतपुर। लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (बाबतपुर) पर ठेका कर्मचारियों से नौकरी बचाने के नाम पर ₹35,000 की अवैध उगाही के मामले में एक बड़ा और निर्णायक मोड़ आ गया है। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों और चौतरफा दबाव के बीच आरोपी कंपनी 'एस.एन. इलेक्ट्रिकल' ने एयरपोर्ट का अपना ठेका (टेंडर) छोड़ दिया है।

वहीं, कर्मचारियों से पैसों की मांग करने और इस पूरे सिंडिकेट में शामिल तीन मुख्य कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

एयरपोर्ट पर आवश्यक सेवाओं में कोई बाधा न आए, इसे देखते हुए प्रशासन ने पुरानी कार्यदायी कंपनी को अगले तीन महीने का सेवा विस्तार दे दिया है।

सांसद की सख्ती और 'ऑडियो' के बाद बैकफुट पर आई कंपनी

गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व 'एस.एन. इलेक्ट्रिकल कंपनी' का नया टेंडर होने पर प्रबंधन से जुड़े लोगों द्वारा प्रति कर्मचारी 35 हजार रुपये की मांग की गई थी। इस शोषक रवैये के खिलाफ कर्मचारियों ने एकजुट होकर मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र की सांसद प्रिया सरोज को एक शिकायती पत्रक और पुख्ता 'ऑडियो रिकॉर्डिंग' सौंपी थी।

सांसद ने इस मुद्दे को सीधे लोकसभा में उठाने और उच्च स्तरीय जांच कराने की बात कही थी। इसके साथ ही उड्डयन मंत्री को सांसद ने अपने लेटर पैड पर शिकायती पत्र भी मेल के माध्यम से भेजा था, जो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है।

मामला जैसे ही मीडिया और राजनीतिक गलियारों में गरमाया, आरोपी कंपनी पूरी तरह बैकफुट पर आ गई और उसने काम छोड़ने का फैसला किया।

वसूली करने वाले तीनों कर्मचारियों पर गिरी गाज

जांच की शुरुआती सुगबुगाहट और साक्ष्यों के आधार पर, कर्मचारियों से अवैध रूप से पैसों की मांग करने वाले और धमकी देने वाले तीनों नामजद कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। कर्मचारियों का आरोप था कि ₹12-25 हजार मासिक कमाने वाले गरीब श्रमिकों को नौकरी से निकालने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इस निलंबन की कार्रवाई से एयरपोर्ट पर कार्यरत अन्य संविदा कर्मियों ने राहत की सांस ली है।

व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुरानी कंपनी को 3 महीने का एक्सटेंशन

चूंकि एस.एन. इलेक्ट्रिकल ने अचानक ठेका छोड़ दिया है, इसलिए हवाई अड्डे की विद्युत और तकनीकी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने त्वरित कदम उठाए हैं।

पूर्व में वहां काम कर रही पुरानी कंपनी को ही आगामी 3 महीनों के लिए कार्य जारी रखने का सेवा विस्तार दे दिया गया है, ताकि नए टेंडर की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जा सके।

कर्मचारियों की जीत, सिंडिकेट पर करारा प्रहार

इस कार्रवाई को एयरपोर्ट पर वर्षों से चल रहे 'ठेका सिंडिकेट' और अवैध वसूली के खिलाफ कर्मचारियों की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस मामले में अभी विस्तृत प्रशासनिक जांच जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस वसूली खेल के पीछे और कौन-से बड़े चेहरे शामिल थे। फिलहाल, सांसद प्रिया सरोज के कड़े रुख और मीडिया में मामला आने के बाद हुई इस त्वरित कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।

इसके पूर्व भी एयरपोर्ट पर भ्रष्टाचार का मुद्दा कई बार उठाया गया है। नियुक्ति से लेकर नौकरी बचाने और अच्छी ड्यूटी के लिए भी लेन देन का आरोप कर्मचारियों द्वारा लगाया जा चुका है लेकिन सबूत के अभाव में अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है।