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योगी सरकार का दावा यूपी में घटते अपराध के ग्राफ , प्रदेश सरकार ने जारी किया अपराध नियंत्रण आंकड़ा
लखनऊः उत्तर प्रदेश में घट रही आपराधिक घटनाओं को लेकर सपा, बसपा, कांग्रेस व अन्य दल योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोलते जा रहे हैं। विपक्षी दलों का मानना है कि योगी सरकार के समय रेप, गैंगरेप, हत्या, अपहरण आदि में तेजी इजाफा दर्ज हुआ है। वहीं इसे लेकर प्रदेश सरकार ने साल दर साल के क्राइम आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि यूपी में अपराध नियंत्रित हुआ है।
उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से यह दावा किया जा रहा है कि योगी सरकार की सख्ती के कारण ही अपराध का ग्राफ साल दर साल घटा है। दावे के साथ आंकड़े भी जारी किए जा रहे हैं। सरकार की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2016 की तुलना में 2019 और 2020 में अपराधिक घटनाओं में कमी आई है।
योगी सरकार ने बताया कि वर्ष 2016 में सपा शासनकाल के दौरान यूपी में बलात्कार के 1982 मामले दर्ज हुए थे, जो 2019 में योगी सरकार के कार्यकाल में घटकर 1692 पर आए और 2020 के पहले 7 माह में यूपी में रेप के 1216 मामले दर्ज किए गए है।
योगी सरकार के एक आंकड़ों के मुताबिक 2016 में सपा के शासनकाल में प्रदेश में हत्या के 2762 मामले दर्ज हुए थे, लेकिन 2019 में योगी शासनकाल में यह संख्या घटकर 2204 हो गई। जबकि साल 2020 के पहले 7 महीनों में राज्य में हत्या के 2032 मामले दर्ज हुए हैं।
वहीं डकैती को लेकर योगी सरकार ने दावा किया कि 2016 में अखिलेश सरकार के दौरान राज्य में डकैती की 149 वारदातें रजिस्टर की गई थीं, जो 2019 में घटकर 68 रह गईं और 2020 के पहले 7 महीनों में यह आंकड़ा 38 है।
बता दें कि इससे तीन साल के एनकाउंटर की लिस्ट भी जारी की गई थी। जिसके मुकाबिक पुलिस मुठभेड़ में 124 अपराधी मारे गए। इनमें 47 अल्पसंख्यक, 11 ब्राह्मण और 8 यादव थे। अल्पसंख्यक समुदाय के ज्यादातर अपराधी पश्चिमी यूपी के थे।
गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद कई शहरों में पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन' शुरू हुआ था। इसके तहत कई शातिर अपराधी एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किए गए। अभियान के तहत पिछले कुछ दिनों में 88 अपराधियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की गई और गैंगस्टर कानून से जुड़े विवादों में 26 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई।
यूपी के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि राज्य सरकार पूरे प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। इसके तहत पिछले एक हफ्ते के दौरान 67 मामलों में 88 व्यक्तियों पर रासुका की तामील की गई।