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गोरखपुर : कोरोना काल में बीआरडी मेडिकल कॉलेज एक और नई चुनौती , कॉलेज में 32 पद खाली , अब तीन गुनी कक्षाएं कैसे चलेंगी
गोरखपुर । कोरोना काल में बीआरडी मेडिकल कॉलेज नई चुनौती के लिए तैयार हो रहा है। कॉलेज में सोमवार से पढ़ाई शुरू हो गई है। अब हर बैच की एक क्लास तीन बार में चलाई जाएगी ताकि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन हो सके। इसके लिए ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन पढ़ाई भी शुरू की गई है।
अब लेक्चर थियेटर के साथ ऑडिटोरियम में भी कक्षाएं चलेंगी। प्रैक्टिकल के लिए भी एक क्लास को तीन सेक्शन में बांटा जाएगा। इसे सुचारु बनाने के लिए माइक्रो प्लान तो तैयार किया जा रहा है लेकिन अहम सवाल यही है कि 32 शिक्षकों के पद पहले से रिक्त चल रहे हैं,
ऐसे में तीन गुनी कक्षाओं का संचालन कैसे होगा?
कॉलेज में एमबीबीएस की 150 सीटें हैं। नए सत्र के छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 10 दिन में नए सत्र के छात्र कैंपस में आ जाएंगे। मार्च से ही मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई ठप है। ज्यादातर छात्र घर चले गए थे। कॉलेज प्रशासन ने अब छात्रों को तलब कर लिया है। छात्र हॉस्टल में रह रहे हैं।
ऑफलाइन कक्षाओं के संचालन का दिया आदेश
शासन ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने का आदेश दे दिया है। इसको लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का भी आदेश आ गया है। प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि अलग-अलग बैच के करीब 600 छात्र एमबीबीएस में इस समय पढ़ाई कर रहे हैं। छात्रों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, उन्हें कोरोना से बचाया जा सके। इसके लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं।
सभी छात्रों को एक साथ कक्षाओं में नहीं बुलाया जाएगा। छात्रों के हर बैच को तीन सेक्शन में बांटा जा रहा है। हर सेक्शन में 50-50 छात्र होंगे। एक सेक्शन की ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी तो दूसरे की ऑफलाइन। प्रैक्टिकल के लिए भी छात्रों को अलग-अलग ग्रुप में बांट कर अलग-अलग समय पर बुलाया जाएगा। क्लास व प्रैक्टिकल के बीच सामन्जस्य के लिए माइक्रो-प्लान तैयार किया जा रहा है।
प्राचार्य ने बताया कि छात्रों को कोरोना से बचाने के लिए कोविड वार्ड की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। तबीयत खराब होने पर हर छात्र की आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी। सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। पढ़ाई के दौरान भी छात्र व शिक्षक के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होगा।
प्राचार्य ने बताया कि अब शिक्षकों पर दबाव बढ़ गया है। उन्हें ओपीडी, कोविड वार्ड, सामान्य वार्ड, इमरजेंसी और ऑफलाइन व ऑनलाइन क्लास जैसे पांच चुनौतियों से जूझना है। इसके लिए शिक्षकों को तैयार किया गया है। सभी के साथ बैठक कर ली गई है।