UP news
वाराणसी : रोहनिया में किसानों को जागरूक करने के लिए किसान मेले का आयोजन
वाराणसी- रोहनिया में किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि विभाग आराजी लाइन विकासखंड के प्रांगण में किसान मेले का आयोजन किया गया. जिसके जरिए क्षेत्र के किसानों को उद्यान सामाजिक कल्याण कृषि रक्षा इकाई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि के विषय में जानकारियां दी गई. मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि आराजी लाइन डॉ महेन्द्र सिंह पटेल ने कहा किसानों से कहा कि जैसा यहां मेले व गोष्ठी मे आप लोगों को बताया जा रहा है उस तरह की कृषि कार्य करने से काफी फायदा होगा.
उन्होंने आगे कहा कि बताए गए तरीके से खेती करने से उपज में भी बढ़ोतरी होगी, और लागत भी कम आएगा. कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सेवापुरी विधायक नील रतन पटेल के प्रतिनिधि रामविलास पटेल ने कहा कि केंद्र और राज्य के राज्य सरकारों की किसानों के संदर्भ में जो योजनाएं हैं वह बहुत कल्याणकारी हैं. किसानों को आगे बढ़कर इसका लाभ उठाना चाहिए.पूर्वक एडीएजी आराजी लाइन एवं वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक के किसान प्रशिक्षण केंद्र नागेपुर के प्रशिक्षक श्री राम कनौजिया ने शून्य बजट प्राकृतिक खेती के बारे में किसानों को बताते हुए कहा शून्य बजट प्राकृतिक खेती से किसानों खेती की लागत कम होने के साथ-साथ इस विधि से उत्पादित कृषि उत्पाद के सेवन से किसी भी प्रकार की बीमारी होने की संभावना कम रहती है. उन्होंने जीवामृत, घन जीवामृत और बायोफ्सा के बारे में विस्तृत रूप से किसानों को जानकारी दी. उन्होंने सलाह दी कि गंभीर बीमारियों से बचने के लिए प्राकृतिक विधि से उगाई गई फल सब्जियों और अनाजों का प्रयोग करके व्यक्ति निरोग रह सकता है. इसके अलावा अपने पर्यावरण को भी बचा सकता है.
पूर्वक एडीएजी आराजी लाइन एवं वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक के किसान प्रशिक्षण केंद्र नागेपुर के प्रशिक्षक श्री राम कनौजिया ने शून्य बजट प्राकृतिक खेती के बारे में किसानों को बताते हुए कहा शून्य बजट प्राकृतिक खेती से किसानों खेती की लागत कम होने के साथ-साथ इस विधि से उत्पादित कृषि उत्पाद के सेवन से किसी भी प्रकार की बीमारी होने की संभावना कम रहती है. उन्होंने जीवामृत, घन जीवामृत और बायोफ्सा के बारे में विस्तृत रूप से किसानों को जानकारी दी. उन्होंने सलाह दी कि गंभीर बीमारियों से बचने के लिए प्राकृतिक विधि से उगाई गई फल सब्जियों और अनाजों का प्रयोग करके व्यक्ति निरोग रह सकता है. इसके अलावा अपने पर्यावरण को भी बचा सकता है.