मथुरा । पीले गेंदा के फूलों की सजावट, वासंतिक परिधान और कमर में गुलाल का फेंटा बांधे आराध्य बांकेबिहारी की झांकी के साथ जब मंदिर में अबीर गुलाल उड़ा तो भक्तों के उल्लास का ठिकाना न रहा। वसंत पंचमी पर ठाकुर बांकेबिहारी मन्दिर की छटा ही निराली नजर आई। होली के इस रंग में हर भक्त गोते लगाने को बेताब नजर आया।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में मंगलवार की सुबह ठाकुरजी ने भक्तों संग होली खेलकर ब्रज में होली का आगाज किया। सुबह नियत समय पर मंदिर के पट खुले थे। लेकिन होली का आनंद लेने को हजारों भक्त घंटों पहले से मंदिर के पट खुलने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही मंदिर के पट खुले भक्तों का रेला मंदिर में पहुंच गया। भक्तों का उतावलापन बांकेबिहारी बिहारी कहां देख सकते थे। वासंतिक परिवेश में हीरे जवाहरात धारण कर कमर में गुलाल की पोटली बांध भक्तों को दर्शन दिए। सेवायतों ने आराध्य के गाल पर गुलाल लगाया और ठाकुरजी का प्रतिनिधित्व करते हुए भक्तों पर जमकर गुलाल उड़ाया। मंदिर में गुलाल के गुबार में सराबोर होने को हर भक्त लालायित नजर आया। गर्भगृह के समीप ठाकुरजी के प्रसादी गुलाल में सराबोर होने की इच्छा हर भक्त को आगे बढ़ने पर मजबूर कर रही थी। जैसे ही अबीर गुलाल मंदिर में उड़ा तो भक्तो ने भी होली के रसिया गाकर होली के रंग में रंगा माहौल बना दिया।
16 मार्च रमणरेती आश्रम, महावन
22 मार्च लड्डू होली, बरसाना
23 मार्च लठामार होली बरसाना
24 मार्च लठामार होली नंदगांव, रावल
25 मार्च रंगभरनी एकादशी, श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारकाधीश मंदिर में होली
26 मार्च गोकुल की छड़ीमार होली
28 मार्च होलिका दहन
30 मार्च दाऊजी का हुरंगा