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अयोध्या : रामलला के दर्शन से लौट रहे बुजुर्ग श्रद्धालु को सांड ने पटका , बुजुर्ग श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल

अयोध्या : रामलला के दर्शन से लौट रहे बुजुर्ग श्रद्धालु को सांड ने पटका , बुजुर्ग श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल

अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि दर्शन मार्ग पर इन दिनों नगर निगम की लापरवाही से रामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की जान पर बन आई है. राम जन्मभूमि दर्शन मार्ग पर आवारा घूम रहे जानवरों का डेरा है, जिसकी वजह से आए दिन श्रद्धालुओं के घायल होने का खतरा बना रहता है. ताजा मामला संडीला से रामलला का दर्शन करने अयोध्या आए बुजुर्ग श्रद्धालु का है. अपने परिवार के साथ आए बुजुर्ग श्रद्धालु पर एक सांड़ ने अचानक हमला कर दिया. इस हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके रिश्तेदार ने बताया कि उन्हें इतनी जबर्दस्त चोट लगी है कि कमर के नीचे का हिस्सा काम नहीं कर रहा है. उन्हें श्रीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर इलाज कर रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक कानपुर के संडीला निवासी प्रेमचंद अपने रिश्तेदारों के साथ राम जन्मभूमि दर्शन करने आए थे. इसी दौरान रामलला मंदिर के दर्शन मार्ग पर दो सांड़ों के बीच लड़ाई हो रही थी. इससे अंजान बुजुर्ग श्रद्धालु सड़क पर सांड़ की चपेट में आ गए. एक सांड़ ने प्रेमचंद पर हमला कर उन्हें उठाकर सड़क पर पटक दिया. सांड़ के हमले से प्रेमचंद बुरी तरीके से घायल हो गए. आसपास के लोगों ने तत्काल एंबुलेंस बुलवाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया.

बताते चलें कि राम जन्मभूमि दर्शन मार्ग पर इस समय छुट्टा जानवरों का जमावड़ा रहता है. इन सड़कों पर अक्सर सांड़ घूमते दिखाई देते हैं, जिनके बीच संघर्ष होता रहता है. बीते दिनों भी सांड़ों के आपसी संघर्ष में 3 लोग जख्मी हो गए थे. लेकिन आज संडीला से आए बुजुर्ग श्रद्धालु सांड़ों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए. उनका इलाज श्रीराम अस्पताल में चल रहा है. घायल प्रेमचंद के रिश्तेदार ने बताया कि रामलला मंदिर में दर्शन करने के बाद वे लॉकर से सामान निकाल रहे थे, इसी दौरान एक सांड़ ने अचानक हमला कर दिया.

घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे मोनू कुमार ने बताया कि राम जन्मभूमि दर्शन मार्ग पर लोगों ने जानवर पाल रखे हैं, आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं. स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन को इसकी जानकारी दी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही. न तो जिला प्रशासन और न ही नगर निगम रामलला मंदिर के आसपास घूमने वाले आवारा पशुओं पर नियंत्रण लगा पा रहा है.