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वाराणसी : पूर्व IAS सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज़ , सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने का आरोप

वाराणसी : पूर्व IAS सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज़ , सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने का आरोप

वाराणसी. उत्तर प्रदेश के वाराणसी  जिले में पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह पर मुकदमा दर्ज किया गया है. सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने को लेकर वाराणसी पुलिस ने पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह पर ये कार्रवाई की है. वीडियो के जांच के बाद वाराणसी पुलिस ने इस मामले में लंका थाने में सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ महामारी अधिनियम के अलावा आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर किया है. उधर मुकदमा दर्ज होने के बाद पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, 25 साल में 54 ट्रांसफर जब मेरी सदनीयत व नीतियां नहीं बदल सके तो एक FIR क्या बदलेगी? सत्य पक्ष हमेशा सत्ता पक्ष पर भारी पड़ता है. जय हिंद. पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह अपने दूसरे ट्वीट में लिखते हैं कि मेरे ऊपर मुक़दमा करने से अगर मरीज़ों को आक्सीजन मिलता है, ग़रीबों को दवाई मिलती है, बेड मिलता है, तो मैं ऐसे हर मुक़दमे का स्वागत करता हूँ.

दरअसल, पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर कर योगी सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे. उन्होंने लिखा कि योगी जी उछलकूद से काम नहीं चलेगा, परिणाम भी चाहिए. आज आप वाराणसी में समीक्षा कर रहे हैं, जरा गरीब के इस रूदन को भी सुन लीजियेगा.

वाराणसी के इन अस्पताल में एडमिट कोरोना पॉजिटिव मरीज का शव नाले में मिला. दो दिन से मरीज लापता था, परिजन खोज रहे थे.

इस मामले में एडीसीपी विकास चन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि सूर्य प्रताप सिंह की पोस्ट की ACP भेलूपुर से जांच कराई गई है. जांच में सामने आया कि जो वीडियो पोस्ट किया गया था वह 24 सितंबर 2020 का है। उस दौरान नाले में शव मिलने के घटना की मजिस्ट्रीयल जांच भी हुई थी. उस प्रकरण में कोई कार्रवाई अब शेष नहीं है. सूर्य प्रताप सिंह ने पुराना वीडियो गलत तथ्यों के साथ पेश कर अफवाह फैलाने और प्रशासन की छवि को धूमिल करने का काम किया है. इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.