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वाराणसी : सुप्रसिद्ध गाजी मियां की इस बार भी नहीं हुई शादी

वाराणसी : सुप्रसिद्ध गाजी मियां की इस बार भी नहीं हुई शादी

वाराणसी। हजरत सैयद सालार मसऊद गाजी मियां की हल्दी की रस्म के साथ ही 27 मई से होने वाले गाजी मियां के मेले का आगाज हो गया। गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए हिंदू और मुसलमान दोनों ही संप्रदायों के लोग इसमें शामिल हों रहें हैं। 

जिले के जैतपुरा थाना क्षेत्र के बड़ी बाजार में स्थित गाजी मियां के आस्ताने पर खादिम एजाजुद्दीन हाशमी और सिराजुद्दीन अहमद की देखरेख में हल्दी की रस्म हुई। बाबा को गुस्ल कराने के बाद संदलपोशी और चादरपोशी की गई। इसके बाद मजार पर हल्दी का लेपन किया गया। आस्ताने की दीवारों पर हल्दी लगे पंजों की छाप लगाई गई। रस्म होने के बाद कुल शरीफ और सलातो सलाम पढ़ा गया और मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली की दुआ की गई।

हाजी एजाजुद्दीन हाशमी ने बताया कि शुक्रवार को गाजी मियां की मेदनी (शादी से संबंधित सुहाग के सामान जो वधु के यहां जाते हैं) सालारपुरा से बहराइच के लिए रवाना हो गया था। जबकि आज 30मई 2021 को सालारपुरा में गाजी मियां की शादी का कोविड-19 प्रोटोकॉल को पालन करते हुए साधारण तौर पर रस्म अदायगी जाएगी । 


 आपको बता दें कि पूर्व के वर्षों में गाजी मियां की मेले में पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के लाखों लोग शामिल होते चले आए हैं । वहीं मन्नतें पूरी होने लोग यहां अकीदतमंद आस्ताने पर मुर्गे की बलि चढ़ाते हैं। 

वहीं, जून महीने के दूसरे हफ्ते में बहराइच से लोगों की वापसी के बाद बड़ी बाजार के काजी सादुल्लापुरा में ‘फिरती का मेला’ का आयोजन किया जाएगा ।
 इस दौरान अध्यक्ष शमशाद , वसीम मेकरानी, जफरउल्ला, इरफान, सज्जन व मास्टर मिज्जन आदि मौजूद रहे।