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छत्तीसगढ़ : मानसून की अधूरी तैयारी कर कागजों में रणनीति बना रहा नगर निगम , क्या फिर डूबेगा रायपुर?

छत्तीसगढ़ : मानसून की अधूरी तैयारी कर कागजों में रणनीति बना रहा नगर निगम , क्या फिर डूबेगा रायपुर?

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी में हर साल मानसून से पहले तैयारियों को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं और एक ही बारिश में इन दावों की पोल खुल जाती है. निचली बस्तियों में बारिश का पानी भरता ही है, लेकिन हर साल कोई नया इलाका जलभराव की चपेट में आ जाता है. इसका कारण आपदा प्रबंधन की आधी-अधूरी तैयारी है. व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए कई करोड़ खर्च किए जाते हैं लेकिन बारिश का पानी इन तमाम व्यवस्थाओं पर पानी फेर देता है. राजधानी के आधा दर्जन वार्डों में फिर एक बार जलभरवा का खतरा है. जहां या तो नाले बने नहीं या उनकी मरम्मत नहीं हुई या फिर अब तक नालों की सफाई ही नहीं की गई है. भाठागांव से कुशालपुर जाने वाले नाले का भी यही हाल है जिसका निर्माण पूरा ना होने से जलभराव का खतरा बढ़ रहा है.

शहर जब पनी में डूबता है तो आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो जाते हैं. लेकिन रायपुर नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे का कहना है कि नगर निगम की लचर व्यवस्था के चलते हर साल जलभराव की स्थिति होती है और इस साल भी मानसून में यही हाल होगा.


केसरी न्यूज़ नेटवर्क के रायपुर प्रतिनिधि ने नगर निगम महापौर एजाज ढेबर से बात किया तो उन्होंने बताया कि ज्यादातर जगहों पर काम जारी है और जल्द ही पूरा हो जाएगा .वहीं ये भी दावा किया है कि इस साल सभी नालों की सफाई बेहतर हुई है. हालांकि महापौर का ये भी कहना है अगर ज्यादा बारिश होती है तो कई जगहों पर जलभराव हो सकता है.

जब महापौर ही ये कह रहे है कि ज्यादा बारिश होने पर कई जगहों में जलभराव की नौबत आ सकती है तब ये समझ लिजिए कि आपको खुद के लिए तैयार रहना है, क्योंकि मानसून से पहले तैयारियां तो बहुत चलती है लेकिन कागजी रणनीति को जमीन पर उतरते देर हो जाती है.