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चंदौली : मुगलसराय कोतवाली में खड़े लग्जरी वाहन भी हो गए कबाड़

चंदौली : मुगलसराय कोतवाली में खड़े लग्जरी वाहन भी हो गए कबाड़


चंदौली । मुकदमों में शामिल या लावारिस मिले वाहन लंबे समय से मुगलसराय कोतवाली में खड़े-खड़े कबाड़ हो रहे हैं। वाहनों की नीलामी न होने से ज्यादातर गल गए हैं। चक्के, बैटरी व कलपुर्जे तो गायब हो ही रहे इंजन तक नहीं रह गया। समय से नीलामी न होने के चलते लाखों की कीमत वाले वाहनों के दाम कौड़ियों में रह गए हैं। पुलिस अफसरों की लापरवाही के चलते गाड़ियों की समय से नीलामी नहीं हो रही है। इससे राजस्व का नुकसान हो रहा है।

कोतवाली परिसर में लंबे समय से दोपहिया व चार पहिया वाहन बड़ी संख्या में खड़े खड़े हैं। इनमे ज्यादातर वाहन किलो के भाव ही बिक पाएंगे। जब यह वाहन कोतवाली लाए गए थे तो सही हालत में आए थे, लेकिन अब ऐसे कई वाहन हैं जिनमें इंजन नाम की कोई चीज ही नहीं बची है। कानूनी दांव पेंच में फंसे इन वाहनों से जहां कोतवाली परिसर किसी कबाड़ी की दुकान सरीखी दिख रही है। वहीं वाहन स्वामी भी छोटी छोटी बातों में फंसे वाहनों की वापसी की आस छोड़ चुके हैं। इसके चलते वाहनों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं। कई वाहनों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि उनके खरीददार भी मिलना मुश्किल होगा। लंबे समय से इन वाहनों की नीलामी न होने से हालत खराब हो रही है।


ऐसे वाहन जिसे पुलिस लावारिस में दाखिल करती है या फिर वह किसी मुकदमें में वाहन दाखिल है तो पुलिस को छह महीने के भीतर वाहन स्वामी को नोटिस भेजनी होती है। नोटिस जारी करने के बाद भी अगर वाहन लेने वह नहीं आता है या उसे कोर्ट से रिलीज करवाने की प्रक्रिया नहीं शुरू करता है तो उसे कोर्ट से अनुमति लेकर आरटीओ की मदद से पुलिस नीलाम कर सकती है लेकिन, वर्षों से गाड़ियां खड़ी हैं जब तक उनकी नीलामी की जाती है तब तक वाहन कबाड़ में तब्दील हो जाते हैं। एसएचओ आरआर उपाध्याय ने कहा वाहनों की सूची तैयार की जा रही है। जिनका कोई वारिश नहीं है उन्हें पुलिस अधीक्षक के अनुमोदन व न्यायालय की अनुमति लेकर नीलाम कराया जाएगा।