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वाराणसीः नए बने पुल का सरफेस दबा, दो माह पहले ही PM मोदी ने किया था उद्घाटन

वाराणसीः नए बने पुल का सरफेस दबा, दो माह पहले ही PM मोदी ने किया था उद्घाटन

वाराणसी । जिले में नए बने आशापुर आरओबी का सरफेस दब गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो महीने पहले 15 जुलाई को ही इस आरोबी का उद्घाटन किया था। मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र का होने के कारण अधिकारियों ने इसे लेकर गंभीरता दिखाई है। आरओबी में लगे मैटेरियल को बीएचयू के सिविल विभाग को जांच के लिए भेजा गया है। पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता एसके अग्रवाल ने बताया कि प्राथमिक जांच से पता चला है कि पुल की सड़क दबने की वजह इससे गुजरने वाले ओवरलोड वाहन हैं।

आरओबी के निर्माण में इस्तेमाल में हुए मेटेरियल की जांच रिपोर्ट लगभग पांच से छह दिनों में मिलने की बात कही जा रही है। पीडब्लूडी के अधीक्षण अभियंता एसके अग्रवाल ने बताया कि तीन जगह खुदाई करके जांच के लिए मैटेरियल निकाला गया और बीएचयू के सिविल विभाग में भेजा गया है। इसका जांच रिपोर्ट आते ही इसे जिलाधिकारी के यहां प्रस्तुत की जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री के उद्घाटन के 15 दिन बाद ही यहां गिट्टियां उखड़ने लगी थीं। इसके गड्ढे बनने लगे। ओवरब्रिज के निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई। इस टीम ने मंगलवार की रात में ओवरब्रिज में तीन जगह खुदाई करके नमूने इकठ्ठे किये थे।

मामले की शिकायतकर्ता तिलमापुर के पूर्व प्रधान नागेश्वर मिश्रा का आरोप है कि पुल निर्माण में घोटाला हुआ है। आरओबी की लंबाई भी सेतु निगम के डीपीआर के अनुसार 47 मीटर कम है। उन्होंने बताया कि 682 मीटर लंबे आरओबी को 635 मीटर पर ही बना दिया है। इसकी भी जांच होनी चाहिए। आरओबी निर्माण के लिए 50 करोड़ 17 लाख 10 हजार रुपए सेतु निगम को दिया था। लगभग तीन वर्ष में यह तैयार हुआ। यही नहीं, दो माह बाद भी आशापुर बाजार व मवइयां में सर्विस लेन का निर्माण नहीं हो पाया है।

पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के बाद भी शहर की सड़कों की सूरत बदहाल है। लाखों पर्यटक हर रोज यहां आ रहे हैं। इसके बाद भी मुख्य मार्गों के गड्ढे भी नहीं भरे जा रहे। जिन वीवीआईपी रूट के गड्ढे पीडब्ल्यूडी ने भरे थे, दौरे के दो दिन के बाद गिट्टियां उखड़ गईं। चौकाघाट, मकबूल आलम रोड, तेलियाबाग, जगतगंज होते हुए लहुराबीर मार्ग के गड्ढे अभी सीएम के दौरे के समय भरे गये थे, जो फिर से उखड़ गये हैं। उधर अन्य मार्गों को विभाग भूल गया है। कैंट मार्ग, सामने घाट शास्त्रत्त्ी पुल मार्ग, सामनेघाट से मदरवा जाने वाले मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। उधर मंडुवाडीह स्टेशन के पास के रेलवे मार्ग की दशा भी खस्ता हाल है।