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यूपी: बिजली कंपनियों का घाटा बढ़ने के लिए तय हो जवाबदेही, उपभोक्ता परिषद ने कठोर कदम की मांग
लखनऊ । राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने बिजली कंपनियों के साल दर साल बढ़ रहे घाटे पर चिंता जताते हुए इसके लिए जवाबदेही तय करने की मांग की है। परिषद का कहना है कि घाटे पर अंकुश के लिए कठोर कदम उठाने की जरूरत है। इससे ही सस्ती बिजली का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि बिजली कंपनियां सुधार के बड़े-बड़े दावे करती हैं, लेकिन हर साल उसका घाटा बढ़ता जा रहा है। इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
वर्ष 2000 में तत्कालीन राज्य विद्युत परिषद का घाटा 10 हजार करोड़ पहुंचने पर सरकार ने विद्युत परिषद का विघटन करके बिजली कंपनियां बना दी थीं और पूरे घाटे का जिम्मा खुद लिया था। जबकि 20 साल में यह घाटा बढ़कर 90 हजार करोड़ के ऊपर पहुंच गया है।
इससे उबारने के लिए पहले वित्तीय पुनर्गठन योजना (एफआरपी) फिर उदय योजना लाई गई। मगर घाटा साल दर साल बढ़ता ही जा रहा है। इसे कम करने के मोर्चे पर बिजली कंपनियां अब तक फेल रही हैं। ऊपर से नीचे तक हर स्तर पर जवाबदेही तय करते हुए इस दिशा में कठोर कदम उठाया जाना चाहिए।