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यूपी : वैरी बोर्ड ने पांच गुना किया लखनऊ छावनी परिषद के वैवाहिक स्थल का किराया, मचा हंगामा
लखनऊ । छावनी परिषद में जिस जगह से डेयरी को हटाया गया। अब वहां शहनाई गूंजेगी। छावनी परिषद इस स्थान को वैवाहिक व मांगलिक आयोजन के लिए बुक करेगा। हालांकि इसका अब जो किराया तय किया है उसे लेकर हंगामा मचना शुरू हो गया है। यहां का किराया वैरी बोर्ड ने 10 से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है। निर्वाचित सदन की बोर्ड बैठक में इसका किराया 10 हजार रुपये तय किया गया था।
छावनी में सेना भर्ती मुख्यालय यूपी व उत्तराखंड के ठीक पीछे छावनी परिषद ने चहार दीवारी से कवर भूमि को डेयरी के लिए आवंटित किया था। यहां छावनीवासियों के मवेशी बांधे जाते थे। पिछले साल सुलतानपुर रोड पर छावनी परिषद ने गोकुलनगरी बनाकर मवेशियों को वहां शिफ्ट कर दिया। अब खाली पड़ी भूमि का इस्तेमाल वैवाहिक और मांगलिक आयोजनों के लिए किया जाएगा। इसके लिए छावनी परिषद के वैरी बोर्ड ने बैठक कर 50 हजार रुपये यहां का शुल्क लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। हालांकि इस स्थान पर परिषद ने किसी तरह का विकास भी नहीं कराया है । केवल आयोजन के लिए स्थान ही उपलब्ध कराया जा रहा है। इस कारण यह दर बहुत अधिक है। जबकि बड़े सामुदायिक केंद्र की दर इससे भी कम है। अब परिषद के पूर्व सदस्यों ने इसे लेकर वैरी बोर्ड में आपत्ति भी दर्ज करायी है।
दरअसल छावनी परिषद का निर्वाचित सदन पांच साल का कार्यकाल और छह माह के दो विस्तार के बाद इस साल फरवरी में भंग हो गया था। इसकी जगह परिषद के अध्यक्ष व जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल राजीव शर्मा व मुख्य अधिशासी अधिकारी को मिलाकर वैरी बोर्ड का गठन रक्षा मंत्रालय ने किया है। जिसमें अब तक जनता की ओर से प्रतिनिधित्व शामिल नहीं किया गया है। वैरी बोर्ड पर अभी भी प्रशासनिक कमान है।