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नई दिल्ली: ग्रेटर नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पीएम मोदी कल करेंगे शिलान्यास, देश का विमानन केंद्र बन रहा उत्तर प्रदेश। .
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही प्रदेश अगले तीन वर्षो के भीतर देश के सबसे प्रमुख विमानन केंद्र के तौर पर स्थापित हो जाएगा। उस समय तक जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत का आधुनिकतम ग्रीनफील्ड नया बनने वाला एयरपोर्ट होगा।
वहीं इसके अलावा उत्तर प्रदेश में उस समय तक 16 अन्य एयरपोर्ट परिचालन में होंगे। एक तरह से यह देश में हवाई मार्गो से सबसे ज्यादा कनेक्टेड रहने वाला राज्य होगा। पीएम नरेंद्र मोदी गुरूवार को ग्रेटर नोएडा स्थित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला रखेंगे। इस एयरपोर्ट का पहला चरण अगले 36 महीनों में नवंबर, 2024 तक पूरा हो जाएगा जिस पर 4,588 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
बता दें कि नागरिक उडड्यन सचिव राजीव बंसल ने बताया कि इस सेक्टर में जेवर एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा निवेश किया जा रहा है। देश में अभी तीन ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं जो गोवा, नवी मुंबई और जेवर में होंगे। गोवा का नया एयरपोर्ट अगले वर्ष से आपरेशनल हो जाएगा जबकि नवी मुंबई पर काम शुरू ही हुआ है। विमानन सेक्टर के विकास की गति इतनी है।
वहीं दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के यात्रियों का पूरा दबाव नहीं झेल पाएगा। ऐसे में जेवर एक अहम कनेक्टिविटी सेंटर के तौर पर उभरेगा। जेवर के आसपास काफी घनी आबादी वाले शहर हैं जिन्हें बड़े पैमाने पर घरेलू व अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी की जरूरत है।
वहीं दूसरी तरफ बंसल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अभी लखनऊ, आगरा, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, हिंडन, बरेली, कुशीनगर व वाराणसी में एयरपोर्ट हैं। अगले वर्ष 2022 में अलीगढ़, चित्रकुट, आजमगढ़, मुरादाबाद और श्रावस्ती में हवाई अड्डे तैयार हो जाएंगे। इसके बाद वर्ष 2023 में मुरपुर (सोनभद्र) और अयोध्या में एयरपोर्ट तैयार होंगे।
वहीं जबकि वर्ष 2024 में जेवर एयरपोर्ट आपरेशनल हो जाएगा। सरकार को इस एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले हर यात्री पर 400.97 रुपये का शुल्क मिलेगा। अभी देश के हवाई अड्डों पर कुल 90 हजार करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। यह निवेश पांच वर्षो में होगा और इससे देश में मौजूदा एयरपोर्ट की संख्या 136 से बढ़ कर 220 के करीब हो जाएगी।
वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि पीएम मोदी कल जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का भूमिपूजन करेंगे। ये केवल उत्तर प्रदेश के ही नहीं बल्कि पूरे देश के भविष्य को प्रभावित करेगा। इसमें 34 हज़ार करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। ये एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। उन्होंने आगे कहा कि यूपी में ऐसी सरकारें आई थीं जिन्होंने कभी भी विकास और प्रगति को प्राथमिकता नहीं दी।
वहीं पहली बार साल 2001 या 2002 में राजनाथ सिंह के द्वारा जेवर हवाई अड्डे का बीज बोया गया था, तब वो सीएम थे। उसके बाद इसकी फाइलों को कमरे में बंद करके धूल खाने के लिए छोड़ दिया गया। वहीं पहले चरण का काम नवंबर, 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य पुरा होगा। वहीं इसके लिए पहले चरण पर कुल 4,588 करोड़ रुपये की लागत आयेगी।
वहीं शुरुआत में सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की आवाजाही की भी होगी क्षमता।
और वहीं चार चरणों में होगा विकास, एवं अंतिम चरण का काम भी वर्ष 2050 में पूरा हो जाएगा। और वहीं चारों चरणों के निर्माण पर 29,560 करोड़ रुपये की आयेगी लागत।