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आतंकवादियों को पनाह देने वालों की अब खैर नहीं, घाटी के बाहर भी होगा करारा प्रहार
जम्मू । कश्मीर में आतंकवाद से लड़ने के लिए बनाए गए टेरर मॉनिटरिंग ग्रुप (टीएमजी) में शामिल एजेंसियां घाटी तक सीमित नहीं रहेंगी। घाटी से बाहर भी आतंकवाद से जुड़े मामलों में इनकी समन्वित कार्रवाई होगी। इस कड़ी में पंजाब पर फोकस किया जा रहा है। क्योंकि, जम्मू-कश्मीर में पंजाब के जरिये हथियारों की खेप, गिफ्ट के माध्यम से पैसा भेजने के कई मामले सामने आए हैं।
सूत्रों ने कहा कि आतंकवाद की सभी कड़ियों को जोड़कर प्रभावी कार्रवाई के लिए ही टेरर मॉनिटरिंग ग्रुप बनाया गया था। इसलिए उनका दायरा आवश्यकता के मुताबिक बढ़ाया जाएगा, जिससे इस तरह के मामलों की जांच और दोषियों तक पहुंचने में आसानी हो। सूत्रों ने कहा कि टेरर मॉनिटरिंग ग्रुप का घाटी में काफी सकारात्मक असर रहा है। घुसपैठ के मामलों की सटीक सूचना मिलने से ज्यादातर घुसपैठिये भारतीय सीमा में कुछ किलोमीटर के भीतर ही ढेर कर दिए जाते हैं।
आतंकी फंडिंग के कई मामले एजेंसियों के समन्वित प्रयास से ही सामने आए हैं। जमात जैसे संगठनों पर प्रभावी कार्रवाई व उनके वित्तीय स्रोत पर प्रहार किया गया है। घर छोड़कर आतंकी संगठनों में शामिल होने वाले आतंकी भी ज्यादा से ज्यादा तीन माह के अंदर सुरक्षाबलों के हत्थे चढ़ रहे हैं। जबकि पहले वे सालों तक अपनी गतिविधि चलाते थे।
सूत्रों ने कहा कि नए आतंकी खतरों के मद्देनजर टीएमजी में शामिल विभिन्न एजेंसियों की कार्रवाई काफी महत्वपूर्ण हो गई है। एजेंसियां आतंकवाद के नए-नए तरीकों पर भी नजर बनाए हुए हैं, जिससे आतंकी गुटों को पनपने से रोका जा सके। तालिबान आतंकियों के नए खतरे की आशंका के मद्देनजर भी विभिन्न एजेंसियां छोटे-छोटे इनपुट और सूचनाओं के वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण और त्वरित सूचनाओं के आदान-प्रदान पर जोर दे रही हैं।