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यूपी: बलिया के बैरिया में लगा धनुष यज्ञ मेला, यहां जलेबी संग सब्जी खाने की है परंपरा।
बलिया। देश भर में कोस कोस पर बोली और पानी ही नहीं बल्कि खाने की परंपरा और स्वाद का भी बदलाव सहज तौर पर महसूस होता है। वैसे तो जलेबी नाम की मिठाई देश भर में बनती और खाई जाती हैं। कहीं गुड़ तो कहीं खोये की जलेबी तो कहीं दही तो कहीं रबड़ी संग जलेबी की जुगलबंदी तो आपने सुनी ही होगी लेकिन बलिया जिले में एक ऐसा मेला होता है जहां पर जलेबी के साथ सब्जी खाने की परंपरा है। सब्जी खाने की इस अनोखी परंपरा की वजह से इसका आनंद लेने दूर दराज से लोग सहज खिंचे चले आते हैं।
वहीं बैरिया के सुदिष्ट बाबा के धनुष यज्ञ मेले में सब्जी के साथ जलेबी खाने की परंपरा सैकड़ों वर्ष पुरानी है। यहां मेले में दर्शन करने या खरीदारी करने के लिए हर व्यक्ति चाहे बूढ़ा हो या जवान अथवा बच्चे महिला हो या पुरुष सभी जलेबी के साथ सब्जी का स्वाद लेते नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि यहां जितना कुल खरीद बिक्री से व्यवसाइयों को लाभ होता है। उसमें से एक तिहाई मेला में जलेबी सब्जी बेचने वालों को होता है। प्रतिदिन कम से कम 100 कुंतल जिलेबी धनुष यज्ञ मेले में गुड़ व चीनी वाली मिलाकर बिकती है।
वहीं दूसरी तरफ़ सुदिष्ट बाबा समाधि के ठीक पीछे पहली पंक्ति में जलेबी मिठाई की दर्जनों दुकानें सजी नजर आती हैं। उसके बाद ही अन्य सामानों की दुकानें लगती हैं। सुदिष्ट बाबा मेले में जाकर बिना जलेबी खाए लौटने वाले यह मान लेते हैं कि मेला का भ्रमण व दर्शन अधूरा है। इसलिए मेला में आने वाला हर मेलार्थी जलेबी- सब्जी का आनंद जरूर लेता है। बताते चलें कि समय बीतने के साथ मेला में भीड़ जुटने लगी है। कारोबारियों के चेहरे भीड़ देखकर खिल गए हैं।
वही मेला प्रबंधन भी काफी उत्साहित नजर आ रहा है। ऐसा लगता है कि पिछले साल के अनुपात में इस साल मेला काफी आय देगा। लोग बताते हैं कि परंपरा कब से है नहीं पता मगर सुदिष्ट बाबा के दरबार आकर स्वादिष्ट जलेबी और सब्जी की जुगलबंदी जुबान पर जो चढ़ती है वह अगले साल के मेले का इंतजार करने की प्रेरणा जरूर देती है।