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यूपी: कानपुर कचहरी कांड में बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा कोई वकील, अब पुलिस जारी करेगी नाेटिस।

यूपी: कानपुर कचहरी कांड में बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा कोई वकील, अब पुलिस जारी करेगी नाेटिस।


कानपुर। कचहरी में बार एसोसिएशन के चुनाव में मतदान रद होने के बाद हुई फायरिंग में जान गंवाने वाले अधिवक्ता गौतम दत्त के मामले में कोई भी वकील सोमवार को बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा। ऐसे में पुलिस के सामने अब यही विकल्प बाकी बचा है कि जिन वकीलों की मौजूदगी मौके पर पाई गई है, उन्हें नोटिस देकर बयान देने के लिए बुलाया जाए। यही नहीं पुलिस अब इन प्रत्यक्षदर्शी वकीलों के खिलाफ घटना में शामिल होने या छिपाने के आरोप में कार्रवाई भी कर सकती है। 

वहीं बार एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने रविवार को पुलिस आयुक्त व विवेचक एसीपी कोतवाली को फोन करके वकीलों द्वारा बयान दर्ज कराने के लिए समय मांगा था। तय हुआ था कि जिस वकील के पास भी इस घटना के बारे में कोई जानकारी है, वह विवेचक को अपने बयान दर्ज करा दें। पुलिस ने इस मामले में वीडियो फुटेज के माध्यम से 10 से 12 वकीलों की पहचान किए जाने का दावा किया है, जो मौके पर मौजूद थे। 

वहीं दूसरी तरफ़ पुलिस के मुताबिक जो वकील मौके पर पाए गए उन्हें चिह्नित करके उनके मोबाइल नंबरों की तलाश भी पुलिस ने कर ली है। उन सभी मोबाइल नंबरों का सीडीआर काल डिटेल रिकार्ड निकलवाया गया है और उन वकीलों पर पुलिस नजर भी रख रही है। पुलिस का मानना है कि अगर यह हादसा था तो मौके पर मौजूद वकील यह बताने के लिए आगे क्यों नहीं आ रहे हैं। इससे जाहिर होता है कि कहीं दाल में काला भी है। 

वहीं एससी एसटी एक्ट के तहत हत्या मामले में समाज कल्याण विभाग ने सोमवार को दिवंगत अधिवक्ता के पिता के बैंक खाते में आर्थिक सहायता के 4.12 लाख रुपये स्थानांतरित कर दिए। डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि नियमानुसार सवा आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। आधी रकम पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद समाज कल्याण विभाग देता है, जबकि आधी रकम चार्जशीट दाखिल होने के बाद दी जाएगी।