UTTRAKHAND NEWS
उत्तराखंड: पिथौरागढ़ में भारत और नेपाल को जोड़ने वाले अंतरराष्ट्रीय झूला पुल पर कोरोना को लेकर की गई व्यवस्थाओं से भारतीय कस्बे धारचूला में पसरा सन्नाटा।
उत्तराखंड। पिथौरागढ़ में भारत और नेपाल को जोड़ने वाले अंतरराष्ट्रीय झूला पुल पर कोरोना को लेकर की गई व्यवस्थाओं से भारतीय कस्बे धारचूला में सन्नाटा पसर गया है। नेपाली नागरिकों के भारत में आने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।
वहीं कोरोना के चलते भारत और नेपाल के बीच आवागमन करने वाले दोनों देशों के नागरिकों के लिए कोरोना की जांच के साथ ही वैक्सीनेशन का प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। बगैर टीका लगाएं नागरिकों को दोनों ही देश प्रवेश नहीं दे रहे हैं। नेपाल से भारत आने वाले नेपाली नागरिकों की धारचूला पुल में कोरोना जांच की जा रही है।
वहीं साथ ही कोरोना टीके का प्रमाण पत्र भी मांगा जा रहा है। कोरोना की डोज नहीं लगाने वाले नागरिकों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। पुल पर जांच और वैक्सीनेशन प्रमाण पत्रों की जांच में एक से डेढ़ घंटे का समय लग रहा है। इस सख्ती के चलते नेपाल से भारत आने वाले लोगों की तादाद काफी कम हो गई है।
वहीं धारचूला का बाजार नेपाली नागरिकों पर टिका हुआ है। नेपाली नागरिक धारचूला बाजार से अच्छी खासी खरीदारी करते हैं। बाजार में खरीदारी के साथ ही नेपाली नागरिक चिकित्सा सेवाओं के लिए भी भारत आते हैं। पुल पर चल रही जांच प्रक्रिया के चलते नेपाल से नागरिकों का आवागमन बेहद कम हो गया। जिसका असर धारचूला के कारोबार पर पड़ रहा है।
वहीं व्यापारी गुमान सिंह ने बताया कि सामान्य दिनों में जहां 400 से 500 नेपाली नागरिक धारचूला बाजार में आते थे। वहीं अब इनकी संख्या घटकर 100 से भी कम हो गई है। जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ा है। भारतीय व्यापारी दिन भर खाली हाथ बैठे हैं। व्यापारियों ने आवागमन के लिए बनाए गए मानकों को शिथिल किए जाने की मांग उठाई है।