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यूपी : उच्चाधिकारियों की सख्ती के बाद वाराणसी कैंट स्टेशन के जीआरपी ने दर्ज किया रिवाल्वर चोरी का एफआईआर।
वाराणसी। उच्चाधिकारियों की सख्ती के बाद बीती रात कैंट जीआरपी ने रिवाल्वर चोरी का मुक़दमा दर्ज कर लिया। कार्रवाई के बजाय हीलाहवाली से हताश पीड़ित व्यवसायी गुरुवेंद सिंह ने प्रयागराज अनुभाग मुख्यालय पर उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई थी। डेढ़ महीने पहले गत नई दिल्ली - बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सफर के दौरान उसका रिवाल्वर चोरी हो गया था।
वहीं पंजाब के गुरदासपुर में श्रीहर गोविंदपुर निवासी गुरुवेंद्र सिंह के अनुसार वह गत 30 जनवरी की रात दिल्ली से वाराणसी की यात्रा कर रहे थे। गाड़ी संख्या - 12582 नई दिल्ली - बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस के डी - 3 बोगी में बर्थ संख्या 53 पर सफर के दौरान भोजन के बाद वह सो गए। बताया कि सूबेदारगंज स्टेशन के समीप उनकी आंख खुली तो देखा कि पास में रखा रिवाल्वर गायब था।
वहीं अगले दिन सुबह बनारस स्टेशन स्थित जीआरपी चौकी को इसकी सूचना दी गई। जहां उन्हें कैंट जीआरपी थाने जाने की सलाह मिली। अगले दिन मंगलवार को प्रभारी निरीक्षक अनील कुमार शर्मा से मिले गुरुबेंद्र ने आपबीती सुनाई। पूरे घटनाक्रम को समझने के बाद गुरुबेंद्र को जिला पुलिस के पास जाने का सुझाव दिया गया।
वहीं दूसरी तरफ़ कैंट जीआरपी में प्राथमिकी दर्ज करने से पल्ला झाड़ने का वाकया पुराना है। अमूमन रेलवे परिसर में अपराधिक घटनाओं के शिकार को कार्यक्षेत्र का हवाला देकर सिगरा थाने जाने की सलाह दी जाती है। 30 जनवरी को परिसर से एक रेलकर्मी की मोटरसाइकिल चोरी हो गई।
वहीं इसके एक दिन पहले भी वीआईपी लाऊंज का कर्मचारी परिसर से ही मोटरसाइकिल चोरी की घटना का शिकार हुआ था। इसके अलावा 15 दिन के अंदर कैंट स्टेशन परिसर में मोटरसाइकिल चोरी से जुड़ी दो घटनाएं दर्ज कराई गई है।
बता दें कि वहीं सुनील कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी, जीआरपी कैंट वाराणसी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे से लैस होने के बावजूद रेलवे परिसर से चोरी की घटनाएं संबंधित विभाग की सतर्कता पर सवाल उठाते हैं। नई दिल्ली-बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस में रिवाल्वर चोरी की घटना के संदर्भ में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पड़ताल कराई जा रही है।