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उत्तर प्रदेश गोंडा जिले में एक स्कूल प्रबंधक के खिलाफ महिला टीचर से रेप करने का आरोप पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
गोंडा: जिले में परसपुर थाना क्षेत्र में शिक्षिका को नशीला पदार्थ पिलाकर उससे दुष्कर्म किया गया. गुरुवार को पीड़िता की शिकायत पर निजी विद्यालय के प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया.
परसपुर थाना क्षेत्र के एक गांव स्थित एक निजी विद्यालय के प्रबंधक ने शिक्षिका का पहले स्कूल में नौकरी देने के बहाने शोषण किया और उसके बाद पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर उसका रेप किया. पीड़िता ने थाने में आरोपी प्रबंधक के खिलाफ शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है. SP के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस आरोपी को ढूंढ रही है.
जिले के सिविल लाइन निवासी एक शिक्षिका ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र दिया था, जिसमें आरोप लगाया है कि कुछ वर्ष पहले उसकी मुलाकात एक निजी विद्यालय के प्रबंधक से हुई. विद्यालय के प्रबंधक ने कहा कि, आप हमारे विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्य करें. जल्द ही हमारा विद्यालय सरकारी होने वाला है. उसके बाद आप भी सरकारी शिक्षिका हो जाएंगी. उनके झांसे में आकर पीड़िता उस विद्यालय में सन 2007 से बतौर प्रधानाध्यापिका शिक्षिका के रूप में कार्य करने लगी.
मामले में कुछ दिन बाद ही प्रबंधक ने विद्यालय पर मुकदमा चलने का हवाला देते हुए कहा कि, अगर विद्यालय की बाउंड्री और अन्य मानक पूरा हो जाए, तो जल्द ही सरकारी हो जाएगा. जिसमें सभी के योगदान की जरूरत है. उनके द्वारा बार-बार कहने पर शिक्षिका ने ससुराल और मायके, रिश्तेदारों से थोड़ा-थोड़ा पैसा उधार लेकर 26 लाख रुपये प्रबंधक को दिया. विद्यालय तो बन गया पर लेकिन शिक्षिका को वेतन भी नहीं दिया गया.
वहीं, 14 अगस्त 2022 को शिक्षिका को आगामी 15 अगस्त मनाने की तैयारी को लेकर विद्यालय बुलाया गया और तभी उसे पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और दुष्कर्म किया. इसका विरोध करने पर गाली देते हुए प्रबंधक ने शिक्षिका को जान से मारने की धमकी दी.
पीड़िता ने इसकी शिकायत व्यक्तिगत रूप से मिलकर डीआईजी देवीपाटन मंडल से की थी, जिस पर आश्वासन देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई करने का आदेश दिया गया. उसके बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ. उसके बाद पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई. इस पर गोंडा पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने मामले को संज्ञान में लेते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया.