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अटाला मस्जिद से लेकर शाही किला तक, जौनपुर के ये हैं टॉप 5 टूरिस्ट प्लेस

अटाला मस्जिद से लेकर शाही किला तक, जौनपुर के ये हैं टॉप 5 टूरिस्ट प्लेस


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एजेंसी डेस्क : उत्तर प्रदेश का जौनपुर जिला अपने कई पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। यहां आस-पास के अलावा अन्य जिलों से भी लोग घूमने आते हैं। जौनपुर में आज भी कई प्राचीन स्मारक हैं जो अपने आप में किसी इतिहास से कम नहीं हैं।इतिहासकारों के मुताबिक जौनपुर लोदी वंश के अलावा मुगल सल्तनत के अधीन रहा। इसके अलावा जौनपुर पर अलग-अगल समय में कई शासकों ने यहां शासन किया। यहां कई स्मारक आज भी इतिहास के पन्नों को सहेजे हुए हैं। 

अटाला मस्जिद,,,,,

जौनपुर जिले की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक अटाला मस्जिद का निर्माण 1408 में इब्राहिम शाह शर्की ने करवाया था। हालांकि इसकी नींव 1393 में फिरोज शाह ने रखी थी। इस बात का जिक्र अबुल फजल के आईने अकबरी में भी मिलता है। अटाला मस्जिद की ऊंचाई 100 फीट से भी अधिक है। इस मस्जिद की वास्तुकला हिंदू मंदिर की झलक देखने को मिलती है। मस्जिद का हॉल 30 फीट लंबा और 35 फीट चौड़ी है। वास्तुकला प्रेमियों को ये मस्जिद बेहद पसंद आएगी। 

झझरी मस्जिद,,,,,

यह मस्जिद गोमती के उत्तरी तट पर स्थित है। इसका निर्माण भी इब्राहिम शाह शर्की ने अटाला औस खालिस मस्जिद के साथ करवाया था। यहां शर्की ने एक मुहल्ला बसाया था। जहां सेना, हाथी, घोड़े, उंट और खच्चर रहा करते थी। लोदी शासन के दौरानसिकंदर लोदी ने मस्जिद को ध्वस्त कर यहाा के पत्थरों को शाही पुल में लगवा दिया। ये मस्जिद पुरानी वास्तुकला का बेहद खूबसूरत नमूना है। 

शाही किला,,,,,

गोमती के तट पर 1362 में फिरोज शाह ने शाही किले का निर्माण करवाया था। इस दुर्ग के भीतरी फाटक की ऊंचाई 26.5 फीट और चौड़ाई 16 फीट है। वहीं केंद्रीय फाटक 36 फीट ऊंचा है। इसके भीतर एक विशाल गुंबद है। दुर्ग के भीतर एक तुर्की शैली में मस्जिद भी है। इस मस्जिद की बनावट हिंदू और बौद्ध शिल्प कला की छाप है। 

शीतला माता चौकिया,,,,,

जौनपुर के प्रमुख हिंदू मंदिरों में से एक शीतला माता चौकिया है। यहां शिव और शक्ति की उपासना प्राचीन काल से ही चली आ रही है। इतिहासकारों के मुताबिक इसका निर्माण अहीर शासकों ने करवाया था। इस मंदिर में हर साल हजारों श्रद्धालु माता के दरबार में मात्था टेकने आते हैं।

शाही पुल,,,,,

जौनपुर के प्रमुख सेल्फी पॉइंट में से एक शाही पुल है। इसका निर्माण अकबर के शासनकाल में 1564 में मुनइन खानखाना ने करवाया था। इस पुल की चौड़ाई 26 फीट है। जिसके दोनों तरफ 2 फीट 3 इंट चौड़ी मुंडेर बनी है। प्राचीन काल में यहां दुकानें लगा करती थीं। गोमती नदी पर बना ये पुल कई बार भूकंप के कारण क्षतिग्रस्त हुआ और इसकी मरम्मत कराई गई। 

अन्य पर्यटन स्थल,,,,,

जौनपुर के अन्य पर्यटन स्थलों में शाहगंज रोड पर स्थित जामा मस्जिद है। जिसकी ऊंचाई करीब 200 फीट है। इब्राहिम शाह के जमाने में इसकी नींव रखी गयी थी लेकिन अलग-अलग चरणों में इसका काम पूरा हुआ। इस मस्जिद के चारों दिशाओं में फाटक है। अन्य पर्यटन स्थल में से एक जौनपुर का लाल दरवाजा का निर्माण 1450 में इब्राहिम शाह शर्की के बेटे शाह शर्की की पत्नी बीबी राजे ने करवाया था। इस इमारत का मुख्य दरवाजा लाल पत्थरों से निर्मित है जिसे चुनार से मंगवाया गया था।