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कानपुर : मंत्री ने नाखून से खुरचकर देखी 34 करोड़ से बनी सीसी रोड, निकली मिट्टी तो चढ़ गया पारा

कानपुर : मंत्री ने नाखून से खुरचकर देखी 34 करोड़ से बनी सीसी रोड, निकली मिट्टी तो चढ़ गया पारा



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एजेंसी डेस्क : सर्किट हाउस में सोमवार को विधायक सुरेंद्र मैथानी और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के बीच बहस हो गई। इस पर मंत्री जितिन प्रसाद खुद भाटिया तिराहे से पनकी मंदिर तक बनी सीसी रोड देखने जा पहुंचे।वहां खुद सड़क खुरची तो 34 करोड़ की सीमेंटेड रोड से मिट्टी निकल आई। यह देख भड़क गए और ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने का निर्देश दे दिया। यहां तक कहा कि पूरे मामले की जांच कराएं। अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के खिलाफ अनिवार्य सेवानिवृत्ति की संस्तुति भेजें।

लोक निर्माण मंत्री विभागीय समीक्षा बैठक कर रहे थे। इसमें विधायक सुरेंद्र मैथानी ने उनसे कहा कि भाटिया तिराहे से पनकी मंदिर तक की सीसी रोड साल भर में ही उखड़ गई। इस पर पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता परवेज अहमद खान की मजूदगी में अधिशासी अभियंता आरके त्रिपाठी ने यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की कि रोड 2016 में बनाई गई थी। विधायक ने कहा कि अफसर झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने जितिन प्रसाद से आग्रह किया-मंत्री जी, आप खुद चलकर सड़क देख लें। मैं गलत बोल रहा हूं या सही, मौके पर पूरी स्थिति साफ हो जाएगी। आखिरकार जितिन प्रसाद ने बैठक में ही अफसरों को निर्देश दिया कि सारे दस्तावेज लेकर मौके पर पहुंचें।

पौन घंटे तक सड़क पर चलते रहे कैबिनेट मंत्री,,,,,

विधायक मैथानी को लेकर जितिन प्रसाद लगभग 5 बजे भाटिया तिराहा पहुंचे। वहां से पनकी मंदिर रोड का पौन घंटे तक निरीक्षण किया। पैदल ही चलते रहे। कई जगह रुके और रोड का अवोलोकन किया। खुद रोड खुरचने लगे तो अंगुली फिराते ही रोड से मिट्टी निकल आई। यह देख उनका पारा चढ़ गया। कहा कि फौरन जांच कराई जाए। जांच रिपोर्ट की प्रति मुझे भी दी जाए और विधायक को भी। सीमेंटेड रोड आखिर कैसे उखड़ गई, इसकी पूरी रिपोर्ट दी जाए। इस रोड का निर्माण करने से लेकर गुणवत्ता का सत्यापन करने में जितने भी अफसरों की भूमिका हो, उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाए। सभी से जवाब तलब किया जाए। मैथानी ने मौके पर ही दस्तावेज भी दिखाए कि सड़क कब से बननी शुरू हुई थी।

लापरवाही और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं,,,,,

समीक्षा बैठक में जितिन प्रसाद ने अफसरों से कहा कि जनहित के कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। 55 अफसरों की टीमें गुणवत्ता की जांच के लिए बना दी गई हैं, जो अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपेंगी। सड़कों को चलने लायक बनाने के लिए कर्मचारियों की छुट्टी निरस्त कर दी गई है। अफसरों को निर्देश दिया कि विधानसभा क्षेत्रवार अभियान चलाकर गड्ढामुक्त होने वाली सड़कों की सूची इलाकाई जनप्रतिनिधि को पहले ही दे दी जाए। इस दौरान कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ल, सरोज कुरील, सांसद अशोक रावत, एमएलसी अरुण पाठक, डीएम विशाख जी और अन्य अफसर मौजूद रहे।शहर की हर दूसरी सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे

सर्किट हाउस में जितिन प्रसाद ने जनप्रतिनिधियों और भाजपा उत्तर-दक्षिण जिला संगठन के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की। इस दौरान भाजपाइयों ने एक स्वर में कहा कि बारिश का मौसम बीत चुका है और शहर की हर दूसरी सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। इस पर जितिन प्रसाद ने विभागीय अफसरों को हिदायत दी कि गुणवत्ता से समझौता किए बैगर 15 नवंबर तक विभागीय सड़कों को गड्ढामुक्त करें। पैचवर्क भी तीन साल तक चले वरना अफसरों और कांट्रैक्टर पर कार्रवाई होगी। इसके लिए भाजपाइयों ने पैचवर्क और बनने वाली सड़कों का ब्योरा रखने की बात कही। इस मौके पर उत्तर जिलाध्यक्ष सुनील बजाज, दक्षिण जिलाध्यक्ष डॉ. वीना आर्या पटेल, महापौर प्रमिला पांडेय, सरोज कुरील, मनीष त्रिपाठी, राम बहादुर, संजय कटियार, सुरेश अवस्थी, प्रकाश शर्मा, रंजीत भदौरिया मौजूद रहे।

रतनपुर नहर पर पुल बनना जरूरी,,,,,

भाजपा विधायक नीलिमा कटियार ने सदन में नियम-51 के तहत उठाए गए मसले का हवाला देते हुए मंत्री से कहा कि सरकारी योजनाओं के मूर्त रूप लेने से एक पूरा शहर ही रतनपुर नहर के पार बस गया है। इसलिए आवागमन के लिए इस नहर पर पुल बनना जरूरी है। इससे कपली, रतनपुर, गंगागंज, शताब्दीनगर, गंभीरपुर इलाकों की जनता को राहत मिलेगी।

5 से 10 तक गुणवत्ता की होगी जांच,,,,,

जितिन प्रसाद ने पत्रकारों को बताया कि लोकनिर्माण विभाग हो या फिर कोई अन्य विभाग, सबके कार्यों की गुणवत्ता परखने के लिए शासन स्तर पर टीमें बना दी गई हैं। कार्यों की गुणवत्ता परखने का विशेष अभियान 5 से 10 नवंबर तक चलेगा।