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यूपी : काशी के बाद अब अयोध्या में चलेगा डबल डेकर क्रूज, सुनने को मिलेंगे भजन,,,।
एजेंसी डेस्क : (लखनऊ,ब्यूरो)।काशी के बाद अब एक और पौराणिक शहर में डबल डेकर क्रूज चलेगा।

यह शहर भगवान राम की जन्म स्थली अयोध्या है, जहां श्रद्धालु सरयू भ्रमण के दौरान क्रूज में श्री राम के मानवीय जीवन पथ से जुड़े दृश्य भी देख सकेंगे। इसके साथ ही श्री राम के भजन भी सुनने का मौका उन्हें मिलेगा।
जनवरी 2024 में रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने के पहले अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को योगी सरकार का यह सबसे बड़ा तोहफा है। जिसको देने की तैयारी राज्य सरकार कर रही है। अयोध्या में डबल डेकर क्रूज निर्माण के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इसके लिए गुप्तार घाट पर सरयू किनारे वर्कशाप बन रही है। केरल से क्रूज के पार्ट्स अयोध्या की इसी वर्कशॉप में पहुंचेंगे और फिर उनको असेंबल करके क्रूज का निर्माण होगा। यह क्रूज डबल डेकर होगा और इसकी लंबाई 26 मीटर और चौड़ाई 8.3 मीटर की होगी।
सोलर पैनल से चलेगा क्रूज, 100 लोगों के बैठने की होगी व्यवस्था
यह क्रूज ईंधन से चलने के बजाय सोलर पैनल से संचालित होगा। सोलर पैनल से एनर्जी स्टोर करने के लिए बैटरी का एक बड़ा पैनल भी इसमें लगा होगा। इसके प्रथम तल पर 72 से 100 लोगों के बैठने की जगह होगी। वहीं, ऊपर का तल पूरी तरह खाली होगा, जहां श्रद्धालु खड़े होकर सरयू बिहार का आनंद ले सकते हैं। इसके साथ ही ऊपर के तल पर कार्यक्रम का आयोजन भी होगा।
दीपोत्सव से पहले काम पूरा करने की कोशिश- प्रोजेक्ट इंजीनियर,,,,,,,
प्रोजेक्ट इंजीनियर जान मैथ्यू ने बताया कि क्रूज को बनाने के लिए रॉ मैटेरियल और मोल्ड सहित पूरा सामान केरल से लाना पड़ेगा। इसमें100 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। क्रूज में बेडरूम के अलावा टॉयलेट की भी व्यवस्था होगी।
काम पूरा होने की एक्चुअल डेट अभी नहीं बता सकते है। मगर, हम इसी साल दीपोत्सव से पहले काम खत्म करने की पूरी कोशिश करेंगे। मुझे इस प्रोजेक्ट का एक हिस्सा होने पर गर्व भी है। हम उत्तर भारत में भी इस प्रोजेक्ट का विस्तार करेंगे।
अयोध्या में टूरिज्म को भी मिलेगा बढ़ावा- डीएम नितीश कुमार,,,,,,,
डीएम अयोध्या नितीश कुमार ने बताया कि यह सौर ऊर्जा संचालित क्रूज होगा, जिसे ग्रीन एनर्जी कंपनी चलाएगी। दीपोत्सव से पहले इसे शुरू करने का टारगेट रखा गया है। श्रद्धालुओं के लिए भी नया घाट से गुप्तार घाट तक जाने के लिए एक सुगम मार्ग मिलेगा और वे घाटों के नजरो को देख सकेंगे। इस प्रयास से टूरिज्म भी बढ़ेगा।

