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वाराणसी : अस्पतालों में करोड़ों की मशीनें हुई बेकार, शो-पीस बने हेल्थ एटीएम, वाराणसी में मेडिकल सुविधाओं की देखे सच्चाई,,,।

एजेंसी डेस्क : (वाराणसी,ब्यूरो)।वाराणसी में मरीजों के लिए सरकारी चिकित्सा सुविधाएं लगातार बढ़ाई जा रही हैं। करोड़ों रुपये का इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। करोड़ों की मशीनें लगी हैं, लेकिन पैरामेडिकल स्टाफ और दूसरी कमियों के कारण मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

तीन एमसीएच विंग में सिर्फ कबीरचौरा की विंग ही क्षमता से चल रही है। बीएचयू और पीडीडी पांडेयुपर में अभी बुनियादी सुविधाएं ही नहीं जुट पाई हैं। हेल्थ एटीएम की स्थिति भी ऐसी ही है। ऐसे में मरीज बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पतालों में जाने के लिए विवश हैं।
उद्घाटन के दो साल बाद भी स्टॉफ की तैनाती नहीं,,,,,,,
पांडेयपुर स्थित जिला अस्पताल परिसर में करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का एमसीएच विंग बना है। उद्घाटन के दो साल बाद भी विंग के लिए डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई है। यहां अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों को अटैच किया गया है। विंग में अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी, एक्सरे, एसएनसीयू सहित अन्य व्यवस्थाएं नहीं हैं। जांच के लिए मरीजों को जिला अस्पताल के केंद्र में जाना पड़ता है।
लोकार्पण के बाद नहीं मिलीं सुविधाएं,,,,,,,
एयरपोर्ट के यात्रियों के लिए बड़ागांव पीएचसी पर 4.25 करोड़ से नया स्वास्थ्य केंद्र बना था। 2022 में उसका उद्घाटन हुआ पर वहां अभी ओपीडी में ही मरीज देखे जाते हैं। एक्सरे, अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। इस अस्पताल में 8 बेड एचडीयू, 4 बेड आईसीयू और 2 बेड का आइसोलेशन एरिया तैयार है। उनके लिए अत्याधुनिक मशीनें भी आ गई है। लेकिन स्टाफ की कमी से उनका उपयोग नहीं हो रहा है।
एयरपोर्ट निदेशक अर्यमासान्याल ने कहा कि सीएसआर फंड से अलग सेंटर बना था। अब तक क्यों नहीं शुरू हो पाया, यह स्वास्थ्य विभाग ही बता सकता है।
करोड़ों से बनी सीएचसी पर एक्सरे तक नहीं,,,,,,,
सारनाथ सीएचसी 6.73 करोड़ रुपए से बनी है। करीब एक महीना पहले इस केंद्र पर अभी ओपीडी शुरू हुई है। लैब में सामान्य जांच हो रही है। सामान्य प्रसव की सुविधा है, लेकिन सिजेरियन प्रसव शुरू नहीं हुआ। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधाएं भी नहीं हैं।
शो-पीस बने हेल्थ एटीएम,,,,,,,
लोगों की सुविधा के लिए करीब तीन महीने पहले बड़ागांव, चौका घाट और दुर्गाकुंड सीएचसी में हेल्थ एटीएम शुरू हुए थे। एटीएम में हीमोग्लोबीन, शुगर सहित 41 तरह की जांचें होनी हैं, लेकिन एक भी जांच नहीं हो पा रही है। लोग केंद्र पर पहुंच रहे हैं, लेकिन उनकी लैब में जांच की जा रही है।
