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नवाबों के शहर से रिश्ता बढ़ा रहा मीरजापुर का मशरूम, 180 रुपये प्रति किलो है दाम; आत्मनिर्भर हो रहे किसान,,,।

नवाबों के शहर से रिश्ता बढ़ा रहा मीरजापुर का मशरूम, 180 रुपये प्रति किलो है दाम; आत्मनिर्भर हो रहे किसान,,,।

मिर्जापुर का मशरूम अब बड़े-बड़े शहरों में स्वाद बढ़ा रहा है। राजगढ़ ब्लाक के बघौड़ा गांव में उत्पादित मशरूम लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, मुगलसराय के लोगों की थाली का स्वाद बढ़ा रहे हैं।इसके साथ ही बनारस, इलाहाबाद सहित अन्य गैर जनपदों में भी आपूर्ति की जा रही है।

यूनिट की स्थापना होने के बाद से उत्पादन केंद्र से अब हर मौसम में लोगों को मशरूम मिल सकेगा। उद्यान विभाग की ओर से संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) योजना मददगार साबित हो रही है। अब किसानों को मशरूम उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

आत्मनिर्भर बन रहे किसान

विकास खंड राजगढ़ के बघौड़ा गांव के किसान उदय प्रताप सिंह ने बताया कि मशरूम उत्पादन करके आज वह आत्मनिर्भर बन गए हैं, साथ ही प्रति यूनिट आठ-आठ लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। लगभग 40 लाख की लागत से दो मशरूम यूनिट की स्थापना किया है, इसमें सरकार से 16 लाख रुपये का अनुदान भी मिला है। वर्तमान में इस समय लगभग प्रति तीन दिन पर दो क्विंटल मशरूम का उत्पादन हो रहा है। वर्तमान में चौथे बैच का मशरूम उत्पादन हुआ है।

180 रुपये प्रति किलो बिक रहा मशरूम

अब तक आढ़तियों के माध्यम से लगभग 185 से 200 क्विंटल मशरूम अन्य जनपदों में बिक्री के लिए भेजा जा चुका है। बाजार में 180 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री की जा रही है। इस समय मीरजापुर के साथ ही प्रयागराज, बनारस, मुगलसराय और लखनऊ के मंडियों में आढ़तियों के माध्यम से बिक्री की जा रही है। सेहतमंद व प्रोटीनयुक्त होने के चलते बाजार में लगातार इसकी मांग बढ़ रही है। इसकी बिक्री से प्रति वर्ष दोनों से यूनिट से लगभग 15 से 20 लाख रुपये की शुद्ध बचत हो रही है।