सावन 2023: आज निकलेगी बाबा महाकाल की चौथी सवारी, उमा महेश स्वरूप में देंगे दर्शन,,,।
श्रावण शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी और चतुर्दशी के साथ सोमवार के विशेष संयोग में आज सुबह बाबा महाकाल निर्धारित समय से आधा घंटा पूर्व यानी 2:30 बजे जागे और उन्होंने स्नान पूजन, भस्म रमाने और श्रृंगार के बाद अपने भक्तों को जैसे ही दर्शन दिए, वैसे ही अकाल मृत्यु को हरने वाले भगवान महाकाल के दरबार में जय श्री महाकाल की गूंज गुंजायमान हो गई। बाबा महाकाल के निराकार से साकार होने के इसी स्वरूप के दर्शन करने के लिए भक्त काफी समय से इंतजार कर रहे थे।
आज निकलेगी बाबा महकाल की सवारी
ऐसी मान्यता है कि बाबा महाकाल उज्जैन नगरी के राजा हैं और प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इसीलिए आज शाम 4 बजे बाबा महाकाल की सवारी षोडशोपचार पूजन-अर्चन के बाद महाकाल मंदिर से शुरू होगी, जो कि श्री महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर सवारी के परंपरागत मार्गों से होती हुई रामघाट पहुंचेगी। जहां बाबा महाकाल का शिप्रा के जल से पूजन-अर्चन करने के साथ यह सवारी पुन: विभिन्न मार्गों से होती हुई गोपाल मंदिर पहुंचेगी, जहां भगवान हरि और हर के मिलन के साथ भगवान का पूजन-अर्चन किया जाएगा और यह सवारी पुन: भक्तों को दर्शन देते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
चौथी सवारी में नंदी पर सवार होकर निकलेंगे उमा महेश
बाबा महाकाल की श्रावण भादो मास में निकलने वाली चौथी सवारी आज नगर में धूमधाम से निकाली जाएगी। इस सवारी की विशेषता यह रहेगी कि सवारी में भक्तों को बाबा महाकाल के चौथे स्वरूप यानी उमा महेश के दर्शन तो होंगे ही, लेकिन इसके साथ ही सवारी में पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर शिवतांडव और नंदी रथ पर उमा-महेश के स्वरूप में विराजित बाबा महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने के साथ ही उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान करेंगे।
महाकाल के दर्शन में चलित भस्म आरती बनी सहायक
भगवान शिव के सबसे प्रिय मास श्रावण में भक्तों की यह मंशा रहती है कि वे श्री महाकालेश्वर मंदिर में अलसुबह होने वाली भस्म आरती के दर्शनों का लाभ ले सकें, लेकिन भस्म आरती में निर्धारित कोटा होने के कारण श्रद्धालु भगवान के दर्शन नहीं कर पाते हैं, लेकिन श्रावण मास में श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति द्वारा चलित भस्म आरती की बड़ी सुंदर व्यवस्था की गई है। यही कारण है कि हजारों श्रद्धालु इस व्यवस्था का लाभ लेते हुए प्रतिदिन भगवान के दर्शनों का लाभ ले रहे हैं और अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।