राजघराने में जन्म, पिता केंद्रीय मंत्री, 400 कमरों का घर, अरबों की संपत्ति के वारिस ने शुरू किया फल-सब्जियों का बिजनेस,,,।
नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया आजकल चर्चा में हैं। मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का मेंबर बनने और अपने पिता के संसदीय क्षेत्र में उनकी सक्रियता से अब कयास लगाए जा रहे हैं कि महाआर्यमन सिंधिया भी आने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से राजनीतिक पारी शुरू करेंगे।
राजनीति और क्रिकेट के अलावा बहुत कम लोगों को पता है कि महाआर्यमन का झुकाव बिजनेस की ओर भी खूब है। उन्होंने दो स्टार्टअप शुरू किए हैं और वे दोनों ही काफी सफलता से चल रहे हैं. उनके द्वारा शुरू किए वेजिटेबल स्टार्टअप माईमंडी (MyMandi) का महीने का टर्नओवर 1 करोड़ रुपये है।
महाआर्यमन सिंधिया ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह दून स्कूल से की है. उन्होंने गेल यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है. पढ़ाई के बाद उन्होंने बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के साथ कुछ समय काम किया. महाआर्यमन सिंधिया को म्यूजिक और खाने का बहुत शौक है. अपने शौक को पूरा करने के लिए उन्होंने कैंबेल नाम से म्यूजिक फेस्टिवल शुरू किया है। इसी तरह उन्होंने प्रवास नाम से एक कल्चरल इवेंट भी शुरू किया है. कैंबेल में भाग लेने के लिए प्रति व्यक्ति 75 हजार रुपये तो प्रवास के लिए 2 लाख रुपये एंट्री फीस ली जाती है।
खूब सफल है सब्जी स्टार्टअप
महाआर्यमन सिंधिया ने एक वेजिटेबल स्टार्टअप माई मंडी शुरू किया है. कंपनी एक ऑनलाइन एग्रीगेटर है जो ताजी फल और सब्जियां सप्लाई करता है. यह स्टार्टअप स्केल मॉडल पर काम करता है. कंपनी एकसाथ बड़ी मात्रा में सब्जियां खरीदती हैं. फिर उन्हें सब्जी विक्रेताओं को भेजती है. फिलहाल कंपनी की सेवाएं जयपुर, नागपुर, ग्वालियर और आगरा में उपलब्ध हैं. कंपनी का रेवेन्यू अभी एक करोड़ रुपये महीना है औरइस साल के अंत तक पांच करोड़ होने का अनुमान है।
रहते हैं महल में
महाआर्यमन ग्वालियर में बने जय विलास महल में रहते हैं. इस महल में 400 कमरे हैं और इसकी कीमत 4,000 करोड़ रुपये आंकी गई है. 1874 में महल को बनाने पर 1.1 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. महाआर्यमन के पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया इस समय नरेंद्र मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. चुनाव आयोग को दिए हल्फनामे के मुताबिक, उनकी कुल संपत्ति 379 करोड़ रुपये है।