अब काशी में 5 रुपए के चिप्स के लिए देना होगा 50 रुपए का सिक्योरिटी मनी, नगर निगम के फरमान से सभी हैरान,,,।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी नगर निगम का एक फरमान इन दिनों काफी चर्चा में बना हुआ है। नगर निगम वाराणसी के द्वारा बीते दिनों गंगा घाटों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए एक आदेश जारी किया गया। जिसमें प्लास्टिक के चिप्स के पैकेट, बंद पानी की बोतल सहित अन्य खाने की सामग्री के लिए ग्राहक को 50 रुपए का सिक्योरिटी मनी ( धरोहर राशि) जमा करना होगा। नगर निगम के इस फरमान से बनारस के दुकानदार और ग्राहक दोनों परेशान है। वही सोशल मीडिया पर नगर निगम के इस फरमान की खूब आलोचना हो रही है।
10 रुपए वाले नहीं खा पाएंगे काशी के गंगा घाट पर 5 रुपए का चिप्स.
वाराणसी नगर निगम के द्वारा जारी 50 रुपए की सिक्योरिटी मनी वाला आदेश की चर्चा सोशल मिडिया से लेकर शहर के तमाम चौराहों पर है। नगर निगम से लोग पूछ रहे है कि "भैया क्या अब 5 रुपए के चिप्स के पैकेट के लिए भी 10 रुपए देने पड़ेंगे", वही दुकानदार भी काफी परेशान है कि अब सामन बेचने के बाद ग्राहक से सिक्योरिटी मनी लेनी पड़ेगी और जब वह प्लास्टिक का पैकेट या अन्य खाद्य सामग्रियों का पैकेट लौटाएगा तो उसे सिक्योरिटी मनी भी लौटना पड़ेगा. सोशल मीडिया पर कोई इस आदेश को तुगलकी फरमान, तो कोई मीम बनाकर इस आदेश का मजाक बना रहा है।
आदेश के पालन के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने दुकानदारों को दिया सख्त निर्देश
वाराणसी के गंगा घाट पर और आस पास के क्षेत्र के दुकानदारों को नगर निगम के अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिया है कि वह उक्त निर्देश का पालन करे, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। वही इसके लिए बकायदा क्षेत्र में निर्देश की कॉपी चस्पा कर चेतावनी भी दी गई।
वाराणसी के दशाश्वमेध जोन के सहायक नगर आयुक्त संजय कुमार तिवारी ने बताया कि नगर निगम वाराणसी के गंगा घाटों को प्लास्टिक मुक्त बनाने और स्वच्छ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी को लेकर यह आदेश जारी किया गया है, कि कोई भी दुकानदार प्लास्टिक के पैकेट वाली सामग्री बेचेगा तो वह धरोहर राशि के रूप ग्राहक से 50 रुपए जमा करवाएगा। ग्राहक की धरोहर राशि दुकानदार तभी वापस करेगा, जब उक्त सामग्री के पैकेट ग्राहक दुकानदार को वापस करेगा।