पूरे देश में पहुंचा मानसून, हल्की से भारी बारिश का अनुमान, जानिए अगले 5 दिनों के मौसम का हाल,,,।
मौसम अपडेट : दक्षिण-पश्चिमी मानसून राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष भाग में आगे बढ़ने के साथ ही रविवार को सामान्य तारीख से 6 दिन पहले पूरे देश में पहुंच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और दक्षिण बिहार को छोड़कर पूरे देश में जुलाई में मानसून सामान्य रहने का अनुमान है। मौसम कार्यालय ने कहा कि सामान्य तिथि आठ जुलाई से पहले रविवार को ही मानसून पूरे देश में पहुंच गया।
करीब 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जून में कम बारिश हुई है। बिहार में सामान्य से 69 प्रतिशत और केरल में 60 फीसद कम बारिश हुई। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे कुछ अन्य राज्यों में भी दक्षिण-पश्चिमी मानसून के पहले महीने जून में सामान्य से कम बारिश हुई। आईएमडी ने कहा है कि जुलाई 2023 के दौरान पूरे देश में औसत मासिक वर्षा सामान्य (एलपीए का 94 से 106 प्रतिशत) रहने का अनुमान है। आने वाले पांच दिन में दक्षिण राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है। सिक्किम बंगाल समेत पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की संभावना है लेकिन मैदानी इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है।
स्काई मेट वेदर के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम, असम और दक्षिण में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, महाराष्ट्र और कर्नाटक के तटीय इलाके और केरल में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया गया है। दक्षिण राज्य तमिलनाडु तटीय इलाके पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी बारिश हो सकती है। दूसरी तरफ उत्तर पूर्व भारत, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण गुजरात, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, ओडिशा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में हल्की से मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, विदर्भ मराठवाड़ा, तेलंगाना और पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश की संभावना है।
दिल्ली में सोमवार को हल्की बारिश की संभावना
दिल्ली में रविवार को अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से दो डिग्री कम है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि रविवार को शहर की सापेक्षिक आर्द्रता 54 प्रतिशत से 92 प्रतिशत के बीच रही। आईएमडी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को मौसम सुहावना रहा और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से दो डिग्री कम है। आईएमडी ने दिन में हल्की बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन रविवार को राजधानी में बारिश नहीं हुई। हालांकि, मौसम विज्ञानियों ने सोमवार को दिन में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना व्यक्त की है। विभाग ने सोमवार को शहर का अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 37 डिग्री सेल्सियस और 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान लगाया है।
गुजरात के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात
गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश होने से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के आंकड़े से पता चला है कि वलसाड और नवसारी जिलों के कुछ हिस्सों में रविवार सुबह समाप्त हुए पिछले 24 घंटे की अवधि में अत्यधिक भारी बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि सोमवार सुबह तक दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के जिलों में विभिन्न स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
आईएमडी ने अपने नवीनतम पूर्वानुमान में यह भी कहा कि अगले पांच दिनों के दौरान गुजरात के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अधिकारियों ने कहा कि सड़कों पर पानी भर जाने या उसके बह जाने के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) फंसे हुए लोगों को बचाने के अभियान में लगे हैं। जामनगर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से एक है और पुलिस का कहना है कि शुक्रवार से बारिश संबंधी घटनाओं में 11 लोगों की मौत हो गई है।
मुंबई में थमा भारी बारिश का दौर
महाराष्ट्र के मुंबई में सप्ताह भर भारी बारिश होने के बाद सप्ताहांत में हल्की बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह समाप्त हुए पिछले 24 घंटे में कोलाबा वेधशाला में जहां 14 मिमी बारिश दर्ज की गई, वहीं सांताक्रूज मौसम स्टेशन में इस अवधि में 22.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। रिपोर्ट में कहा गया कि इससे पहले शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे समाप्त हुए 24 घंटों में कोलाबा में 45.4 मिमी और सांताक्रूज मौसम स्टेशन में इसी अवधि में 110 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसमें कहा गया कि शनिवार को उत्तर महाराष्ट्र के नासिक और नंदुरबार जिलों में अच्छी बारिश हुई लेकिन जलगांव में अधिकतर इलाकों में बारिश नहीं हुई। मराठवाड़ा के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों में बारिश नहीं हुई है, जिसने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी है। क्षेत्र में दक्षिण पश्चिमी मॉनसून के देरी से आने से फसलों की बुवाई दो से अधिक सप्ताह के लिए टल गई है।