बेटी मुंह ढंकती और 5 बार नमाज पढ़ती; मानव बम बनने को थी तैयार; धर्मांतरण मामले में पिता का चौंकाने वाला दावा ,,,।
गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी की युवती के धर्मांतरण मामले में ट्रेस हुआ अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क एक विशेष पैटर्न पर काम करता है। इसका सरगना अपने समुदाय के लोगों की बजाय उन लोगों को धर्मांतरण कराने का जिम्मा सौंपता है, जो खुद अपना धर्म बदल चुके होते हैं।गाजियाबाद पुलिस ऐसे तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, राहुल अग्रवाल ने सबसे पहले खोड़ा की युवती को प्रेम जाल में फंसाया। उसके साथ तमाम कसमें-वादे किए और शादी करने का झांसा दिया। इस साल जनवरी में उसने युवती से कहा कि वह उससे प्यार करता है और उससे झूठ नहीं बोल सकता। उसने कहा कि वह दूसरे धर्म से ताल्लुक रखता है और उसका नाम राहिल है।
उसके माता-पिता ने हिंदू लड़की से शादी करने से इनकार कर दिया। इस पर युवती बिलख पड़ी और राहुल से शादी की जिद पर अड़ गई। शादी के लिए राहुल ने युवती के सामने धर्म बदलने का विकल्प रखा, जिसके लिए युवती तैयार हो गई।
वीडियो मिली : राहुल उर्फ राहिल के मोबाइल में पाकिस्तानी कट्टरपंथी और उपदेशक के वीडियो मिले हैं। धर्मांतरण कराने के बाद ये कट्टरपंथी इस्लामिक उपदेशक डॉ. जाकिर नाइक और तारिक जमील की वीडियो सुनने के लिए प्रेरित करते हैं। नेटवर्क के कुछ लोग युवक-युवतियों को शहादत के लिए मानव बम बनने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
वित्तीय लेन-देन की जांच
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान धर्मांतरण कराने वाले नेटवर्क के संबंध में अहम जानकारी हाथ लगी है। धर्मांतरण के पीछे वित्तीय लेन-देन भी सामने आया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों को वेरिफाई किया जा रहा है। जांच में जो चीजें सामने आएंगी, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
युवती को मानव बम बनाने की थी योजना
युवती के पिता ने बताया कि उनकी बेटी धर्म बदलने के बाद पूरी तरह कट्टर हो चुकी है। वह परिवार के विरोध के बावजूद दूसरे समुदाय के रीति-रिवाज अपनाती है। कहती है कि वह शहादत के लिए तैयार है। इतना ही नहीं, वह मानव बम बनने की बात भी कहती है। पिता के मुताबिक, बेटी न सिर्फ मुंह ढंककर रहती है, बल्कि दिन में पांच वक्त दूसरे समुदाय की धार्मिक गतिविधियां करती हैं। बेटी कहती है कि वह शरिया कानून का ज्ञान ले रही है और उसी के मुताबिक अपनी जिंदगी गुजारेगी।
देशभर में कई लोगों का कराया जा चुका धर्मांतरण
सूत्रों की मानें तो धर्मांतरण कराने वाले नेटवर्क के सदस्य जरूरतमंदों को टारगेट करते हैं। उनसे मेल-जोल बढ़ाकर भावनात्मक रिश्ता जोड़ते हैं और उनकी आर्थिक और सामाजिक तौर पर मदद करते हैं। अपने धर्म को बेहतर धर्म बताकर कई माह तक उनका ब्रेनवॉश किया जाता है। सूत्र बताते हैं कि किसी भी व्यक्ति द्वारा धर्म परिवर्तन करने के कुछ माह बाद तक नेटवर्क के सदस्य निगरानी रखते हैं। बताया जा रहा है कि यह नेटवर्क देशभर के कई लोगों का धर्मांतरण करा चुका है।
इस तरह अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ
1. पुलिस के पास गुरुवार को एक व्यक्ति ने उनकी बेटी का धर्मांतरण कराए जाने और दूसरे धर्म की धार्मिक गतिविधियां अपनाने की शिकायत की।
2. पुलिस ने गोपनीय तरीके से मामले की जांच की। पता चला कि राहुल अग्रवाल नामक युवक ने इस युवती का धर्मांतरण करवाया।
3. राहुल ने पहले खुद धर्म परिवर्तन किया और फिर अन्य लोगों का धर्म परिवर्तन कराने में जुट गया।
4. धर्म बदलने के बाद राहुल ने अपना नाम राहिल रखा। उससे पूछताछ के बाद उसका धर्मांतरण कराने वाले व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।
5. पूछताछ में पता चला कि राहुल ने वर्ष 2016 में धर्म परिवर्तन किया, जबकि उसका धर्म बदलवाने वाले व्यक्ति ने वर्ष 2013 में अपना धर्म बदला था।
6. वहीं, 2013 में जिस व्यक्ति ने अपना धर्म बदला, उसका धर्म परिवर्तन करवाने वाले ने वर्ष 2011 में दूसरे धर्म को अपनाया था।
7. पुलिस ने इन तीनों को हिरासत में ले लिया है। अभी सिर्फ राहुल उर्फ राहिल के नाम का खुलासा किया गया।