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बनारस में कांवरियों के रूट पर नहीं खुलेंगी मीट की दुकानें, मनमानी पर दर्ज होगा मुकदमा,,,।

बनारस में कांवरियों के रूट पर नहीं खुलेंगी मीट की दुकानें, मनमानी पर दर्ज होगा मुकदमा,,,।

वाराणसी : मंगलवार यानी 4 जुलाई से सावन की शुरुआत हो रही है। वाराणसी में इस बार विशेष तैयारियां की जा रहीं हैं, इस बार ज्यादा भीड़ सावन के 2 महीने के दौरान आने की उम्मीद है। हर वर्ष सावन एक माह का होता है लेकिन अधिक मास की वजह से सावन इस बार 59 दिनों का होगा। इसकी वजह से शिव के साथ श्री हरि की आराधना करने के लिए जबरदस्त भीड़ भगवान भोलेनाथ के दरबार में जुटेगी। 

इसके मद्देनजर योगी सरकार ने कांवरियों के लिए विशेष इंतजाम के निर्देश दिए हैं। कावड़ यात्रा वाले रूट पर मीट की दुकान खोलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, नगर पशु चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि यदि कांवरियों के रूट पर किसी भी तरह की मीट या मांस की दुकानें खुली मिलेंगी तो इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

31 जुलाई तक लागू रहेगा आदेश  

सावन में कांवर यात्रियों के रूट पर मांस की दुकानों पर प्रतिबंध को लेकर पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय प्रताप सिंह ने बताया कि यह आदेश 4 जुलाई से 31 जुलाई तक लागू रहेगा. दुकान खोलने पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है वाराणसी नगर निगम क्षेत्र में करीब दो दर्जन मांस और मीट की दुकानों को चिन्हित करके नोटिस दे दिया गया है और इन्हें सावन के दौरान कावड़ यात्रियों के रूट पर होने की वजह से बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं, यदि इसके बाद भी इनकी दुकान खुली मिलेगी तो इन पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

सफाई की रहेगी विशेष व्यवस्था 

पशु चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि वाराणसी नगर निगम क्षेत्र के भोजूबीर, पांडेयपुर, हुकूलगंज, लहुराबीर, महमूरगंज, मैदागिन, बेनियाबाग, चितईपुर समेत कई अन्य रास्तों पर मौजूद मीट और मांस की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सावन को लेकर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम सीमा क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले प्रमुख शिवालयों पर जाने वाले रास्तों के मरम्मत का कार्य भी लगभग पूरा हो गया है। मंदिर स्थलों पर अतिक्रमण हटाए जाने के लिए कार्रवाई चल रही है। 

नगर आयुक्त का कहना है कि नगर निगम सीमा क्षेत्र में सफाई की विशेष व्यवस्था सावन के दौरान रखी जाएगी, हाईवे पर सघन पेट्रोलिंग के निर्देश भी पुलिस विभाग की तरफ से दिए गए हैं। पंचायत राज विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि कांवरियों के रूट को विशेष तौर पर साफ-सुथरा रखा जाए और गंगा में सुरक्षा की दृष्टि से किनारे रस्सी लगाकर गोताखोरों की तैनाती की जाए।