वाराणसी संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी : नौ दीनी कथा के तीसरे दिन पंडित राजन महाराज ने कहा, "कमी ईश्वर की कृपा में नहीं हमारी दृष्टि में है,",,।
वाराणसी। (प्रमुख चीफ ब्यूरो)। जीवन में कुछ अभाव रहता है तो हमारे अंदर भगवान को याद करते रहने का स्वभाव बना रहता है। ज्यादा सुख प्राप्त होने पर लोग भगवान को भूलने लगते हैं। ईश्वर की कृपा में कोई कमी नहीं होती, कमी हमारी दृष्टि में होती है।प्रभु की कृपा तो अनुभव करने का विषय है, यह अनुभव कोई सद्गुरु की शरण में जाने से होता है। ये बातें गुरुवार को मानस मर्मज्ञ राजनजी महाराज ने कहीं।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल मैदान पर श्रीराम कथा प्रेमी सेवा समिति की ओर से चल रही नौ दिवसीय सरस श्रीराम कथा के तीसरे दिन उन्होंने कहा कि सद्गुरु की शरण में जाने से इस लोक में तुरंत कल्याण हो ना हो परलोक में कल्याण अवश्य हो जाता है। उन्होंने कहा कि जिसने प्रभु से प्रेम कर लिया, उसके जीवन मे कभी कलंक नहीं लग सकता है।
राम प्राकट्योत्सव के उपरांत प्रभु कृपा की कथा का श्रवण कराते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम ने जन्म नहीं लिया, बल्कि अवतार लिया और यह अवतार सिर्फ अयोध्या के राजमहल में राज करने के लिए नहीं अपितु समस्त मानव जाति के कल्याण के लिए लिया। राम के प्राकट्य लेते पूरी अयोध्या उत्सव के रंग में डूब गई। पूरी प्रकृति भगवान के स्वागत में अयोध्या भूमि में उतर आई थी। कोई देवता हो या नर हर कोई प्रभु श्रीराम की बस एक झलक के लिए अयोध्या पहुंच गए।
गोस्वामी तुलसीदास मानस में लिखते हैं कि जब किसी के अवतरण पर हर कोई उल्लसित, हर्षित, आनन्दित महसूस करें तो समझो कि वह सृष्टि के कल्याण के लिए अवतार लिया है। कथा में राजन जी महाराज ने कई बधाई गीतों से भक्तों को सराबोर कर दिया। उन्होंने 'अँगने में बधइयां बाजे, 'तेरी मंद -मंद मुस्कनिया पर बलिहार राघव जी आदि बधाई गीत सुनाया तो कथा पण्डाल में उपस्थित हजारों भक्त झूमने लगे।
व्यासपीठ के पूजन से कथा का आरंभ
तीसरे दिन की कथा का शुभारंभ यजमान परिवार की ओर से व्यासपीठ के पूजन से हुआ। कथा यजमान सुमित सराफ, रुचि सराफ, विनोद सराफ, इंदु सराफ, अनूप सराफ, सविता सराफ, प्रेमचंद, कविता, प्रिया सिंह, उर्मिला सिंह आदि ने सविधि पूजन किया।
आरती में मुख्य रूप से विजय मोदी, मनोज बजाज, उदय राजगढ़िया, संजीव अग्रवाल टिल्लू, पवन मोदी, पुरुषोत्तम जालान, महेश चौधरी, सुरेश तुलस्यान, राम बूबना, दिलीप सिंह, योगेश वर्मा, राकेश अग्रवाल, अजय यादुका, उपेंद्र जायसवाल, त्रिलोकी चौरसिया आदि ने उतारी। संचालन पवन अग्रवाल ने किया।