बीएचयू में जबड़े की थ्रीडी स्कैनिंग शुरू, पूर्वांचल में ऐसी पहली मशीन, इतने रुपये में होगी जांच,,,।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के दंत चिकित्सा संकाय में कोन बीम कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीबीसीटी) मशीन से जबड़े की थ्रीडी स्कैनिंग की सुविधा शुरू हो गई है। डॉक्टर्स दिवस पर संकाय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मशीन का शुभारंभ किया गया। संकाय प्रमुख प्रो. विनय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्वांचल में किसी सरकारी दंत चिकित्सा संस्थान में स्थापित यह पहली मशीन है।
इसकी खासियत है कि मशीन से दांतों व जबड़े से जुड़ी हर जानकारी मिलेगी। प्रो. विनय ने बताया कि मशीन से 1275 रुपये में कोई भी जांच करवा सकता है। मशीन की विशेषता है कि यह किसी भी कारण हड्डी में होने वाले घाव या नुकसान की थ्रीडी तस्वीर बनाती है। उसका आकार एवं परिमाण (नाप) भी बताती है।
इससे मुंह एवं जबड़े में होने वाली सूजन, कैंसर के कारण आदि की पहचान करने में मदद मिलती है। इस दौरान संकाय में हुए एंटी रैगिंग सेमिनार में प्रो. रोयाना सिंह ने विद्यार्थियों को रैंगिंग का बहिष्कार करने की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रो. नीलम मित्तल, प्रो. नरेश कुमार शर्मा, प्रो. एचसी बरनवाल, प्रो. अतुल भटनागर, प्रो. सरिता परिहार प्रो. अदित आदि लोग मौजूद रहे।
जबड़े में इंप्लांट स्थापित करने में भी सहायक
संकाय प्रमुख ने बताया कि इस मशीन का प्रयोग जबड़े में इंप्लांट स्थापित करने में मदद मिलती है। साथ ही जबड़े में फंसे हुए दांतों की जगह, आकार बताने में, दांतों में होने वाली बीमारियों की जांच और उनके उपचार में, जबड़े में पाई जाने वाली सामान्य संरचनाओं की आकृति जानने में, टेढ़े मेढ़े दांतों के मूल्यांकन में भी यह मशीन कारगर है। मशीन से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण से नए रोगों/नई खोजों तथा उपचार के नए तरीकों में बदलाव तथा और बेहतर करने में मदद मिलेगी।