बिहार: अपने ही थाने में दारोगा सहित 3 सिपाही हुए गिरफ्तार, एक पुलिसकर्मी फरार, जानिए पूरा मामला,,,।
बिहार :: पटना के बेउर पुलिस ने online घूस लेते हुए चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार पुलिस कर्मियों के पास से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के सबूत भी मिले हैं। इसके बाद आरक्षी अधीक्षक ने ठोस कदम उठाते हुए गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। अब उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। उनमें एक आरोपी पुलिसकर्मी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
लिखित आवेदन देने के बाद हुई कार्रवाई
पटना एसएसपी का कहना है कि 26 सितंबर को बेउर थाने के रात्रि गश्ती पदाधिकारी और सिपाही द्वारा सिपारा पुल के नजदीक एक युवक को गलत तरीके से गश्ती पार्टी ने पकड़कर उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगे। युवक का कहना है कि इस क्रम में पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट भी की और फिर मामला को मैनेज करने के लिए उससे रुपयों की मांग करने लगे। युवक ने बेउर थाना में काण्ड संख्या 663 / 23 के तहत उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। आवेदक ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान एक और लड़के को इसी तरह पकड़ कर उससे भी रुपयों की मांग की गई।
दोनों युवकों को पुलिसकर्मियों ने धमकाते हुए कहा कि रुपया नहीं दोगे तो जेल भेज दूंगा। ऐसा सुनकर दोनों युवक काफी भयभीत हो गये तथा उक्त दोनों ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से पुलिसकर्मियों को 15-15 हजार रूपये दे दिए। रुपया लेने के बाद उक्त दोनों लड़कों को पुलिस वालों ने छोड़ दिया।
सीसीटीवी में कैद हुआ करतूत की तस्वीर
पटना एसएसपी ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद अनुसंधान से यह स्पष्ट हुआ कि उस दिन PSI अंजनी कुमारी, हवलदार सिखारी कुमार, गृहरक्षक-सुबोध कुमार, गृहरक्षक सुमन एवं थाना के निजी चालक बीरेन्द्र ड्यूटी पर थे। घटनास्थल से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद अवैध रूप से लिए कुल 30 हजार रूपये के भुगतान का स्क्रीनशॉट और संबंधित साक्षियों द्वारा दिये गये बयान से याचिकाकर्ता द्वारा लगाये गये आरोपों की पुष्टि हुई। सबूत उपलब्ध होते ही मामले का सत्यापन हो गया।
इस मामले में वरीय अधिकारी के आदेश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए PSI अंजनी कुमारी, हवलदार - सिखारी कुमार, गृहरक्षक-सुबोध कुमार एवं थाना के निजी चालक बीरेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि गृहरक्षक-सुमन फरार हो गया है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
इन पर हो चुकी है कार्रवाई
* अगस्त 2018 : अवैध वसूली मामले में एक साथ मालसलामी व दीदारगंज थानेदार निलंबित और 93 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर।
* नवंबर 2019 : नो इंट्री में रुपये लेकर लोडेड वाहनों को पार कराने के आरोप में 13 पदाधिकारी सहित 45 पुलिसकर्मी सस्पेंड।
* अगस्त 2020 : दानापुर थाने में दारोगा को विजलेंस की टीम ने 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ किया गिरफ्तार।
* जून 2021 : दीदारगंज के तत्कालीन थानेदार को 60 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। थानेदार व एक जवान गिरफ्तार।
* फरवरी 2022 : बिहटा में बालू लदे वाहनों से वसूली करने में चौराहे पर तैनात चालक जवान, चौकीदार सहित छह गिरफ्तार।
* अगस्त 2022 : दीदारगंज चेकपोस्ट पर रिश्वत लेकर उन्हें छोड़ने के मामले में पांच जवान समेत सात को गिरफ्तार किया गया।
* जून 2023 : राजीव नगर के तत्कालीन थानेदार को घूस लेने के आरोप में निलंबित कर उसी थाने में उनके खिलाफ केस हुआ।
* सितंबर 2023 : बेउर थाने के दारोगा, हवलदार, होमगार्ड और निजी चालक सहित चार को अवैध वसूली में गिरफ्तार किया गया।