चंदौली: आधी रात जन्मे देवकी वासुदेव के लल्ला कन्हाई,,घरों में बज रही गीतों भजनों की बधाई,,,।
यूपी,,चंदौली, पीडीडीयू नगर। नटवर नागर नंदा भजो रे मन गोविंदा, रास रचैया, मुरली मनोहर, योगेश्वर श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बुधवार को श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र और बुधवार ने श्रीकृष्ण जयंती योग का निर्माण किया।
इस बार विगत कई वर्षों के बाद श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर अद्भुत संयोग बना है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव भादों माह के रोहिणी नक्षत्र, अष्टमी तिथि दिन बुधवार को मनाया जा रहा है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जनपद के विभिन्न मंदिरों सहित गृहस्थ आश्रम के लोगों ने धूमधाम से मनाया। वहीं मंदिरों पर आकर्षक विद्युत झालरों से सजावट की गई थी। आचार्य लक्ष्मी नारायण पांडेय ने बताया की इस बार छ: और सात सितंबर को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।
बुधवार 6 सितंबर को 3.15 पर अष्टमी तिथि की शुरुआत हो गई है। वही प्रातः 9.19 बजे से रोहिणी नक्षत्र की शुरुआत हो गई है। उन्होंने बताया कि ऐसा संयोग विगत कई वर्षों बाद आया है।
इस संयोग ने भक्तों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का उत्साह बढ़ा दिया। घरों में आधी रात को कान्हा का जन्म हुआ। महिलाओं ने थाल बजाई, शंखनाद और घंट बजाकर प्रिय नंदलाल का स्वागत किया गया। वहीं बधाई गीत सुनाई गई। इसके बाद विधि विधान से पूजा-अर्चना की गई। घर घर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की झांकी देखने के लिए लोग पहुंचे। मुगलसराय कोतवाली, लाठ नंबर दो सहित अन्य स्थानों पर जन्माष्टमी की झांकी दर्शन को कतार लगी रही। वहीं यहां मेले का भा आयोजन था।
भगवान श्रीकृष्ण को जन्मोत्सव भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष बुधवार की रात अष्टमी तिथि के साथ ही रोहिणी नक्षत्र भी मिला। इस तिथि में श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
वहीं वैष्णवजन बृहस्पतिवार को उदयातिथि के अनुसार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाएंगे। जन्मोत्सव मनाने की तैयारी में लोग सुबह से ही जुट गए। युवाओं ने घरों में लकड़ी के बुरादे को रंगा, इसके बाद मूर्तियों, खिलौनों से मथुरा नगरी सजाई, गोपियों संग रास रचाते श्रीकृष्ण तो कहीं पुतना वध, माखन चुराते, श्रीकृष्ण सुदामा मिलन, कालिया नाग दमन आदि की लीलाओं को झांकी सजाई गई। इसे रंग-बिरंगे विद्युत झालरों से आकर्षक तरीके से सजाया गया।
नगर के लाठ नंबर दो के साथ ही पथरा, जायसवाल स्कूल रोड, शाहकुटी, सुभाषनगर, चंदासी, नई बस्ती, न्यू महाल, रविनगर, पटेलनगर, कैलाशपुरी, चतुर्भुजपुर, काली महाल, अलीनगर, आरपीएफ कॉलोनी, गया कालोनी, मानसनगर, यूरोपियन कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, दुल्हीपुर, दांडी, पड़ाव, मढ़ीया नई बस्ती, जलीलपुर, बहादुरपुर,में श्रीकृष्ण जन्म की झांकी सजाई गई।
वहीं मुगलसराय कोतवाली, अलीनगर थाने वह जलीलपुर चौकी में भी भगवान श्रीकृष्ण की भव्य झांकी सजाई गई। लोग शाम झांकी दर्शन के लिए पहुंचे। आधी रात को विधि विधान से पूजा अर्चना कर भगवान का जन्म कराया गया और शास्त्रोक्त विधि से पूजा अर्चना की गई। भगवान का जन्म होते ही जय कन्हैया लाल की...उद्घोष किया गया। वहीं थाली, घंटी, शंख बजाकर नंदलाल का स्वागत किया गया। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए। वहीं मुगलसराय कोतवाली, और लाठ नंबर दो के समीप मेला लगा। लोगों ने मेले का खूब आनंद उठाया।
पीडीडीयू नगर। अलीनगर सकलडीहा रोड पर स्थित ज्योति कॉन्वेंट स्कूल में जन्माष्टमी पर बुधवार को राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता हुई। इसमें जूनियर और सीनियर ग्रुप में बच्चों ने भाग लिया। राधा-कृष्ण रूप में सजे नन्हे-मुन्नों ने लोगों का मन मोह लिया।
इस दौरान विद्यालय के चेयरपर्सन ने कृष्ण मोहन गुप्ता ने कहा कि श्रीकृष्ण हर युग में लोगों में आदर्श हैं। हर कोई अपने बच्चे को राधा और कृष्ण के रूप में देखना चाहता है। इस दौरान संस्कार भारती के संजय राय, शरद मिश्रा, विजय गुप्ता, सुनील केशरी, अनीता कुशवाहा, तारा राज आदि निर्णायक के रूप में रहे।
प्रतियोगिता के जूनियर ग्रुप में अवंतिका और आयन अव्वल रहे। हर्षिता और रुद्र दूसरे जबकि स्वस्तिका और अर्थ व ऋतु और तेजस की जोड़ी तीसरे स्थान पर रहीं। सीनियर ग्रुप में रिद्धि घोष और संध्या प्रथम, सौरभ मिश्रा और पीहू द्वितीय जबकि आराध्या और एंजल के साथ ताक्षवी और हर्षित की जोड़ी तृतीय रही।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल मौर्य, उपप्रधानाचार्य प्रकाश मंडल, हेमंत विश्वकर्मा, सनोज कुमार, प्रभात शर्मा, सन्नी शर्मा, आनंद राज, निहोरी, करन शुक्ला, हिमांशू विश्वकर्मा, नवीन भूषण, तापसी मंडल, रीना, वंदना, जानकी, सुनीता, सुजैन, सीमा, जानकी, राजकुमारी, शीतल, दीपांजलि, रितु, पूजा आदि उपस्थित रहे।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सकलडीहा कस्बा स्थित श्री राम जानकी मंदिर, काली माता मन्दिर व विकासखंड क्षेत्र के बथावर नीलकंठेश्वर मंदिर सहित अन्य मंदिरों पर धूमधाम से मनाया गया। रात्रि 12 बजते ही ' वृंदावन बिहारी लाल की जय भय प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी ' ढोल नगाड़ों के साथ जय घोष से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण की भव्य आरती कर प्रसाद वितरण किया।