Headlines
Loading...
बीएचयू छात्रनेताओं के कमरे से केंद्र सरकार के खिलाफ 'साजिश' के सबूत मिले, एनआईए अपने साथ ले गई साहित्य और पत्रिकाएं,,,।

बीएचयू छात्रनेताओं के कमरे से केंद्र सरकार के खिलाफ 'साजिश' के सबूत मिले, एनआईए अपने साथ ले गई साहित्य और पत्रिकाएं,,,।

वाराणसी, बीएचयू :: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने मंगलवार को वाराणसी में भगत सिंह स्टूडेंट मोर्चा के दफ्तर पर छापेमारी की और मोर्चा से जुड़ीं बीएचयू की छात्रनेताओं आकांक्षा आजाद और सिद्धि तिवारी बिस्मिल से पांच घंटे तक पूछताछ की। दोनों को 12 सितंबर को लखनऊ स्थित कार्यालय में भी तलब किया गया है। टीम अपने साथ आकांक्षा का मोबाइल फोन, दो सिम, एक मेमोरी कार्ड ले गई है, और कई साहित्य भी सीज किए गए है।

छात्रनेताओं के कमरे से बरामद साहित्य व पत्रिकाओं से पता चल रहा है कि इनसे सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश हो रही थी। इसमें वाराणसी के ट्रांसपोर्ट नगर, सर्वसेवा संघ भवन व मिर्जापुर-चंदौली में आदिवासियों की जमीनें खाली कराने आदि पर भड़काऊ लेख व अन्य दस्तावेज मिलने की बात बताई जा रही है। एनआईए की टीम इन साहित्य और पत्रिकाओं को भी अपने साथ लेकर गई है। 

कमरे से ‘दस्तक’ पत्रिका के दो अंक मिले। इनमें एक जनवरी से जून तक के आंदोलनों का संग्रह था। जबकि दूसरा जुलाई और अगस्त माह का था। दूसरे अंक में जो रिपोर्ट हैं, उनमें प्रमुख रूप से ‘जलता देश, हीरा चमकाता राजा’, उत्तराखंड में गुजरात मॉडल की चुनावी बिसात, बुल्डोजर बाबा का जमीनों पर डाका, बृजभूषण सिंह मामला महिला आंदोलन के लिए चेतावनी है, भारत में कैद पत्रकारों के लिए सीपीजे का अमेरिका में अभियान, मंदी में गोता लगाती अर्थव्यवस्था और अमेरिका की डेब्ट सीलिंग, बिहार शरीफ दंगे पर पीयूसीएलए की रिपोर्ट नाम से अलग-अलग लेख प्रकाशित हैं।

प्रयागराज से प्रकाशित इस पत्रिका में वाराणसी के मोहनसराय में ट्रांसपोर्ट नगर, राजघाट में सर्व सेवा संघ भवन और किला कोहना में जमीन खाली कराने की कार्रवाई पर भी लेख थे। इसके अलावा पूर्वांचल के मिर्जापुर के कोटवा पांडे गांव में जमीन खाली कराने, चकिया (चंदौली) के मुसाहीपुर, रामपुर, केवलाखाड़ कोठी आदि गांव में 80 एकड़ जमीन खाली कराने की कार्रवाई पर भी आर्टिकल छपे थे।

आजमगढ़ में मंदूरी हवाईअड्डे के विरोध में चल रहे आंदोलन, लखीमपुर खीरी में हॉथी कॉरिडोर, ईको टूरिज्म के लिए 54 गांवों में जमीन खाली कराने, अखिल भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष सांसद बृजभूषण शरण सिंह को लेकर आंदोलन का भी जिक्र है। सरकार विरोधी कई कार्टून भी प्रकाशित हैं। जो प्रधानमंत्री को केंद्रित कर बनाए गए हैं।

बीएचयू में केंद्र के खिलाफ मुखर रहा है मोर्चा

भगत सिंह स्टूटेंड मोर्चा बीएचयू के आंतरिक मुद्दों और केंद्र सरकार की कई नीतियों के विरोध में मुखर रहा है। अभी हाल ही में 27 अगस्त को मोर्चा की ओर से बीएचयू के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया गया था। इसमें विभिन्न लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया गया था। इस आंदोलन में आकांक्षा आजाद और सिद्धि बिस्मिल भी शामिल थीं। 

झारखंड की है आकांक्षा, सिद्धि चौकाघाट की निवासीनी 

एनआईए की ओर से जिन दोनों छात्र नेताओं से पूछताछ की गई, दोनों बीएचयू में अध्ययनरत हैं। आकांक्षा मूलत: झारखंड के गिरिडीह जिले के भोरांडीहा की रहने वाली हैं। वह बीएचयू से स्नातक करने के बाद इस समय राजनीतिक विज्ञान से परास्नातक कर रही हैं। जबकि सिद्धि चौकाघाट की मूल निवासी है। बीएचयू से कला वर्ग से स्नातक कर रही हैं। 

माओवादी संगठन से जुड़ने का आरोप

टीम के जाने के बाद आकांक्षा आजाद और सिद्धि ने मीडिया से बातचीत की। आकांक्षा ने बताया कि सुबह साढ़े पांच बजे टीम पहुंची। बताया कि आप दोनों पर माओवादी संगठन से जुड़ाव का आरोप है। सरकार विरोधी गतिविधियों का संचालन करने का आरोप लगाते हुए उनके कमरे की तलाशी ली गई। कहा कि सरकार विरोधी मुद्दों को उठाने पर नक्सली और आतंकी ठहरा दिया जा रहा है।

टीम में शामिल थीं महिला अधिकारी

टीम में महिला अधिकारी भी शामिल थीं। महिला अधिकारी ने आकांक्षा से पूछताछ का विवरण दर्ज किया। उसकी प्रति की रिसिविंग कराई। साथ ही 12 सितंबर को लखनऊ स्थित कार्यालय में पहुंचने के लिए नोटिस भी दिया।

टीम के जाते ही हंगामा, धक्कामुक्की

टीम जैसे ही पूछताछ करने के बाद निकली, छात्राओं को यहां रुकने को लेकर मोहल्ले व मकान में रहने वाले लोग आक्रोशित हो गए। छात्राओं पर पहचान छिपाकर रहने का आरोप लगाते हुए उनसे धक्कामुक्की की गई। तब तक मोर्चा के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।