'50 लाख दो नहीं तो बेटे का काम तमाम.' घर बनाने के लिए बच्चे को उठाया, 72 घंटे में हो गई गिरफ्तारी,,,।
बिहार के मुजफ्फरपुर से तीन दिन पहले अगवा हुए 10 साल के श्लोक नाम के बच्चे को पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस ने 72 घंटे के अंदर छात्र अपहरण कांड को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक किडनैपर को गिरफ्तार किया है । आरोपी की पहचान ITBP के जवान कुमार गौरव उर्फ मोइज और उसके छोटे भाई सौरव उर्फ कन्हाई के रूप में हुई है। बच्चे को सीतामढ़ी के अथरी गांव से बरामद किया गया है। ITBP जवान ने अपने भाई के साथ मिलकर बच्चे को अगवा किया था। भाई बच्चे को ट्यूशन पढ़ाता था।
बताया जा रहा है कि दोनों भाई घर बना रहे थे। इसके लिए उन्होंने बड़ा लोन लिया था। इसके बाद भी घर बनाने में पैसे कम पड़ने लगे थे। साथ लोन भी चुकाना था। तब ITBP जवान ने भाई के साथ मिलकर 10 साल के श्लोक के अपहरण का प्लान बनाया।
पहले रेकी की फिर उठाया
इसके बाद दोनों ने तीन दिन तक रेकी किया। इस दौरान बच्चा से दोनों ने दोस्ती भी बढ़ाया। बच्चा स्कूल वैन से उतरकर पैदल घर आता था, इस दौरान दोनों ने बच्चे को मोटरसाइकिल से अगवा कर लिया और उसे सीतामढ़ी में एक पुराने मकान में रखा। ये मकान आरोपी भाइयों का ही था। यहां बच्चे को कुछ देर रखने और उसके कपड़े बदलने के बाद दोनों भाई उसे लेकर हाजीपुर चला गया।
रिक्शा- ठेले वाले के फोन से कॉल
हाजीपुर पहुंचने के किडनैपर ने श्लोक के परिजनों को कॉल किया और पचास लाख की फिरौती मांगी। परिजनों को उन्होंने एक ठेले वाले के मोबाइल से कॉल किया, कि़डनैपर लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था और रिक्सा वाले, ठेले वाले और ऑटो वाले की मोबाइल से फिरौती के लिए फोन कर रहा था। अंतिम कॉल रामदयालू (मुजफ्फरपुर) से किया तो पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से उसका कपड़ा पहचान लिया था।
बाद में किडनैपर ने पैसे ट्रेन पर लेकर आने के लिए कहा तो पुलिस कपड़े की पहचान से युवक को ट्रेन में दबोच लिया। तब किडनैपर से पूछताछ में उसने बच्चे का पता बता दिया। दूसरा किडनैपर ITBP जवान फरार है, पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।