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मऊ-जौनपुर के शूटरों ने राजकुमार पर बरसाई थीं गोलियां, दो गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, बाइक हुई बरामद,,,।

मऊ-जौनपुर के शूटरों ने राजकुमार पर बरसाई थीं गोलियां, दो गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, बाइक हुई बरामद,,,।

वाराणसी सारनाथ थाना क्षेत्र में ट्रांसपोर्टर राजकुमार यादव की गोली मारकर हत्या के आरोपी दो शूटरों को पुलिस ने फरीदपुर अंडरपास से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से .32 बोर की पिस्टल और तीन कारतूस बरामद हुआ। हत्या में उपयोग की गई बाइक भी बरामद हुई। दोनों शूटर मऊ और जौनपुर के रहने वाले हैं। वारदात के ढाई महीने के बाद दोनों शूटर दबोचे गए।

डीसीपी वरुणा अमित कुमार के अनुसार गिरफ्तार शूटर मऊ के कोतवाली थाना क्षेत्र के भीटी अंधा मोड़ निवासी जालंधर साहनी और जौनपुर के शाहगंज थाना क्षेत्र के पुरानी चौक निवासी मो.अहमद है। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने बताया कि मऊ निवासी धर्मेंद्र मौर्य ने ट्रांसपोर्टर राजकुमार यादव के हत्या की सुपारी दी थी। आरोपी जालंधर ने बताया कि पहली गोली मो.अहमद ने चलाई थी।

सारनाथ थाना क्षेत्र के मुकीमगंज निवासी राजकुमार यादव 14 जुलाई की सुबह बच्चे को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे थे। रंगीलदास पोखरा तिलमापुर पहुंचने पर शूटरों ने राजकुमार को गोली मार दी थी। गोली से घायल राजकुमार ने दो दिन बाद बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया था। राजकुमार की पत्नी ने गाजीपुर जेल में बंद देवर विजय यादव, उसकी पत्नी सोनी और बेटे शिवम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने दोनों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। 

हत्या की योजना बनाने वाले और शूटर उपलब्ध कराने वाले तीसरे आरोपी मऊ के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के इमिलिया गांव निवासी धर्मेंद्र मौर्य को पुलिस ने 22 जुलाई को पंजाब के मोहाली स्थित एयरपोर्ट रोड से गिरफ्तार किया था। धर्मेंद्र की गिरफ्तारी के बाद शूटरों की तलाश में सारनाथ पुलिस, सर्विलांस और साइबर सेल की टीमें लगी थीं। पुलिस ने दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया।

मो. अहमद पर नौ और जालंधर के खिलाफ चार मुकदमे 

डीसीपी अमित कुमार ने बताया कि दोनों शूटर पूर्व में भी जेल जा चुके हैं। मो.अहमद के ऊपर विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट के कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं। जबकि जालंधर साहनी पर हत्या, डकैती और गैंगस्टर समेत कुल चार गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। दोनों को घटनास्थल के आसपास लगे सीसी फुटेज और सर्विलांस, साइबर सेल की मदद से गिरफ्तार किया गया।