विवि गया था गर्लफ्रेंड की डिग्री लेने... सीख लिया धोखाधड़ी का खेल; नंबर बढ़वाने का झांसा देकर बना लखपति और फिर,,,।
यूपी,,बरेली के रुहेलखंड विवि के छात्र-छात्राओं को पास कराने के नाम पर ठगी करने के मामले में शातिर महिपाल को पकड़ा गया है। महीपाल ने गर्लफ्रेंड की डिग्री लेने के लिए विवि जाने पर ही इस खेल को सीखा और छात्र-छात्राओें को अपना शिकार बनाया। पूछताछ के बाद बारादरी पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।
पुलिस की तफ्तीश में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। छह महीने पहले बेरोजगार रहा यह शख्स वर्तमान में धोखाधड़ी के दम पर लक्जरी जीवनशैली जी रहा था। उसने नंबर बढ़वाने के नाम पर दो सौ से ज्यादा परीक्षार्थियों से 26 लाख रुपये की ठगी की।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रंगदारी व धोखाधड़ी की धारा बढ़ाई है। बारादरी थाने के इंस्पेक्टर क्राइम अली हसन ने मंगलवार को मिलक रामपुर निवासी महीपाल से लंबी पूछताछ की। महीपाल सोमवार को इज्जतनगर की बसंत विहार कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया था। वहां वह अलग से फ्लैट लेकर रह रहा था।
उसका महीने का खर्च करीब साठ हजार रुपये था और ढाई लाख रुपये कीमत की बाइक चला रहा था। महीपाल से पता लगा कि वह विवि के ऐसे छात्र-छात्राओं को ही कॉल कर रहा था जो किसी विषय में कमजोर थे या फेल होने का खतरा था।
पूछताछ में उसने बताया कि वह फरवरी माह में अपनी गर्लफ्रेंड की डिग्री लेने विवि गया था। वहां गोपनीय कार्यालय के बाहर तमाम लड़कों को भटकते देखा जो अपने नंबर कम बताकर उन्हें बढ़वाने के लिए किसी मध्यस्थ को तलाश रहे थे।
मजाक में उसने कह दिया कि वह नंबर बढ़वा देगा। एकाध लड़के ने उसे रुपये दे दिए। उसने अपना नंबर भी उसे दे दिया। बताया कि संयोग से उस लड़के के नंबर बढ़ गए। इसके बाद उस नंबर को उसने और लोगों को दे दिया।
इसके बाद उसके पास कॉल आने का सिलसिला शुरू हुआ जो थमा नहीं। हालांकि फिर उसने ठगी का धंधा व्हाट्सएप कॉल पर शुरू कर दिया। बताया कि वह गूगल में विवि की वेबसाइट डालकर प्रवेश पत्र अपलोड करता था, इसी से उसे परीक्षार्थियों का नंबर मिल जाता था।
वह उन्हें कॉल करके रुपये ले लेता था पर किसी को पास कराने के लिए कुछ करता नहीं था। जो लोग रुपये देने के बाद भी फेल होते गए, उन्होंने जब विवि में शिकायत की तो वह पकड़ा गया।