बांदा में तीन सौ पंडालों में विराजेंगी मां भगवती शत्रुदलिनी दुर्गा, बहेगी भक्ति की रसधार,,,।
नवदुर्गा महोत्सव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। 15 अक्टूबर से इसकी शुरूआत होगी। करीब तीन सौ पंडाल सजाने की तैयारी चल रही है। केन्द्रीय पूजा महोत्सव समिति के पदाधिकारियों ने बिजली, पानी, साफ सफाई आदि व्यवस्थाओं को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया।जिसमें सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त करवाने की मांग की है।
15 अक्टूबर से नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं। देवी भक्त देवी पंडाल सजाने के लिए तैयारी में जुट गए हैं। यहां कलकत्ता के कारीगरों के द्वारा प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। श्रद्धालुओं का दावा है कि शहर और आसपास के इलाकों के अलावा जबलपुर और कटनी से भी प्रतिमाएं लाई जाएंगी। इस दौरान बिजली, पानी, और साफ सफाई की व्यवस्था दुरूस्त कराए जाने को लेकर केन्द्रीय पूजा महोत्सव समिति भी सक्रिय हो गई है।
समिति पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन से व्यवस्थाएं दुरूस्त कराने की मांग की। कहा कि देवी मंदिर और पंडालों के पास साफ सफाई के साथ सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी की व्यवस्था कराई जाए। महिला पुलिस, सचल दल की तैनाती की जाए। बिजली कटौती बंद कराई जाए। लटकते तारों को दुरूस्त कराया जाए। आवारा सुअर, मवेशियों का विचरण बंद कराया जाए। जलसंस्थान के द्वारा सुबह शाम दोनों समय जलापूर्ति कराई जाए।
भारी वाहनों का प्रवेश सुबह 4 से 10 और शाम 6 से रात 12 बजे तक वर्जित कराया जाए। इस दौरान अध्यक्ष अमित सेठ भोलू, कल्लू सिंह राजपूत, उत्तम सक्सेना, अमित गुप्ता, राजकुमार शिवहरे, राजकुमार राजू, चन्द्रमोहन बेदी, मनोज दीक्षित, यशवंत सिंह, प्रभाकर सिंह, मुन्ना तिवारी आदि शामिल रहे।
सजाए जाएंगे तीन सौ देवी पंडाल
नवदुर्गा महोत्सव समिति के अध्यक्ष अमित सेठ भोलू ने बताया कि करीब तीन सौ देवी पंडाल सजाए जाएंगे। जिसमें से लगभग 50 प्रतिमाएं देवी भक्तों के द्वारा जबलपुर से लाई जाएंगी। इसके अलावा कटनी, अतर्रा,कर्वी से भी प्रतिमाएं लाई जांएगी। उन्होंने बताया कि विसर्जन 24 अक्टूबर को होगा। विसर्जन घाट और मार्ग में व्यवस्थाएं दुरूस्त कराई जाएं।
कलकत्ता के कारीगर ने तैयार कीं दो सौ प्रतिमाएं
कलकत्ता से आए कारीगर मधु पाल और उसके बेटे अरूण पाल के द्वारा शहर में आकर देवी प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। मधु पाल ने बताया कि लगभग दो सौ से अधिक प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। बताया कि ज्यादातर प्रतिमाएं बुक हो गई हैं। साथ ही अधिकांश प्रतिमाओं का रंग रोगन भी पूरा हो गया है। जो भी थोडा बहुत बचा वह तैयार की जा रही हैं।