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वाराणसी :: काशी विश्वनाथ धाम की दूसरी लोकार्पण वर्षगांठ पर विश्वनाथ धाम से सड़क तक गूंजेगा जय-जय सियाराम,,,।

वाराणसी :: काशी विश्वनाथ धाम की दूसरी लोकार्पण वर्षगांठ पर विश्वनाथ धाम से सड़क तक गूंजेगा जय-जय सियाराम,,,।

वाराणसी,ब्यूरो (एस.के.गुप्ता) की रिपोर्ट। बाबा विश्वनाथ के धाम की दूसरी वर्षगांठ पूरी तरह से राममय होगी। धाम से शहर की सड़कों तक भगवान शिव के आराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम राम के नाम की गूंज रहेगी। 13 दिसंबर को धाम के लोकार्पण की दूसरी वर्षगांठ और आयोजनों की तैयारियां शुरू हो गई हैं।शिव बरात में अयोध्या के राम मंदिर की झांकी और रामलला की प्रतिमा के दर्शन होंगे।

काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का लोकार्पण 13 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। पहली वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई थी। 22 जनवरी 2023 को अयोध्या में भव्य राममंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है, इसलिए काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर की दूसरी वर्षगांठ को और भव्य बनाने की तैयारी है। 

विश्वनाथ धाम में चारों वेदों का पारायण, संगोष्ठी सहित हवन और पूजन के आयोजन की रूपरेखा तैयार हो रही है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि सोमवार आज की बैठक के बाद तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

विश्वनाथ धाम से शिव बरात की जो शोभायात्रा निकलेगी, उसमें एक साल की उपलब्धियों की झांकी रहेगी। शिव बरात समिति के संयोजक दिलीप सिंह ने बताया कि शोभायात्रा में सबसे पहले राममंदिर और रामलला की झांकी रहेगी। देव स्वरूपों के अलावा भगवान शिव का तांडव नृत्य रहेगा। शोभायात्रा में 10 झांकियां रहेंगी। शोभायात्रा का प्रतिनिधित्व 300 बटुक और संत समाज करेगा। 

शोभायात्रा मैदागिन से निकलकर डेढ़सी पुल तक जाएगी। रास्ते भर जगह-जगह फूल बरसाकर यात्रा का स्वागत होगा। दिलीप सिंह ने बताया कि पिछले साल से ही धाम की वर्षगांठ पर भव्य शिव बरात की नई परंपरा शुरू हुई थी। 

चंद्रयान, महिला आरक्षण विधेयक की भी झांकी

महिला सशक्तीकरण का प्रतिनिधित्व करते हुए एक हजार महिलाएं भी शोभायात्रा में शामिल होंगी। चंद्रयान और महिला आरक्षण विधेयक की झांकी भी सजाई जाएगी।