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वाराणसी :: 20 पायदान लुढ़ककर काशी पहुंची 41वें स्थान पर, उत्तर प्रदेश में मिला चौथा स्थान, वजह जान लें,,,।

वाराणसी :: 20 पायदान लुढ़ककर काशी पहुंची 41वें स्थान पर, उत्तर प्रदेश में मिला चौथा स्थान, वजह जान लें,,,।

प्रदेश स्तर पर हुए स्वच्छ सर्वेक्षण में काशी की रैंकिंग 20 पायदान पिछड़ गई है। 2023 में वाराणसी नगर निगम ने 41वीं रैंक हासिल की है। हालांकि प्रदेश में इनकी रैंकिंग चौथी है। बीते वर्ष 2022 में प्रदेश स्तर पर चौथी और देश स्तर पर 21 वीं रैंक मिली थी। गंगा बेस्ड टाउन सर्वेक्षण में वाराणसी को पहला स्थान मिला है। पिछले साल वाराणसी को दूसरी रैंक मिली थी।

नई दिल्ली में भारत मंडपम में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संबंधित अधिकारियों को पुरस्कृत किया। राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार पाने वालों में नगर विकास मंत्री एके शर्मा, नगरीय निकाय के निदेशक डॉ. नितिन बंसल, मेयर अशोक कुमार तिवारी, नगर आयुक्त अक्षत वर्मा, निवर्तमान नगर आयुक्त शिपू गिरि शामिल रहे। स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में 20 पायदान पीछे खिसकने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। भले ही गार्बेज फ्री सिटी में थ्री स्टार की रेटिंग मिली है, लेकिन ओवरऑल प्रदर्शन बेहतर नहीं माना जाएगा।

पांच वजहों से पिछड़ी रैंकिंग

* घर घर से कूड़ा उठान ठीक नहीं हुआ।
* गीला और सूखा कूड़ा नहीं हो रहा अलग।
* जलभराव से निबटने की बेहतर व्यवस्था नहीं।
* एसटीपी की क्षमता से अधिक निकल रहा सीवर।
* सफाई का ठेका लेने वालों ने लापरवाही की

कहां चूके निगम के अधिकारी
 
* ठोस कूड़े का बेहतर ढंग से निपटान नहीं हो रहा।
* नाले-नालियों की सफाई नियमित नहीं।
* सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की सफाई में कमी।
* ग्राउंड पर साफ सफाई की बेहतर मॉनीटरिंग की कमी।
* आम जनता में नगर निगम की छवि बेहतर नहीं।

साल दर साल रैंकिंग का हाल
रैंक साल शहरों की संख्या
* 41 2023 4477
* 21 2022 4507
* 30 2021 4320
* 27 2020 4242
* 17 2019 4237
* 29 2018 4203
* 32 2017 434
* 65 2016 73

स्वच्छ सर्वेक्षण में वाराणसी का रिपोर्ट कार्ड

अंक प्रतिशत में कैटेगरी
* 99 डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन।
* 96 आवासीय इलाकों की साफ सफाई।
* 47 कूड़ा को अलग करना।
* 95 बाजार इलाकों की साफ सफाई।
* 67 कूड़ा उत्पादन बनाम प्रसंस्करण।
* 100 जल समिति की साफ सफाई 
* 100 कचरे के मैदान का बेहतर ढंग से उपचार नहीं।
* 93 सार्वजनिक शौचालयों की सफाई।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 की अंक तालिका प्रतिशत में
कैटेगरी पूर्णांक प्राप्तांक अंकों का प्रतिशत
* एसएलपी 4830 3926 81.28
* जीएफसी-ओडीएफ 2500 1450 58
* सिटीजन वॉयस 2170 1731 79.76
* कुल 9500 7107.10 74.81

एक नजर में आंकड़े

100 वार्ड
8 जोन
20 लाख से अधिक आबादी
5500 सफाईकर्मी

जीएफसी-ओडीएफ के चलते पिछड़ गई रैंकिंग

अंक तालिका पर गौर करें तो दो कैटेगरी में 75 प्रतिशत से अधिक नंबर प्राप्त कर नगर निगम डिक्टेंशन मार्क लाया है। सर्विस लेवल प्रोग्रेस (एसएलपी) और सिटीजन वॉयस में नगर निगम को डिक्टेंशन मिला है। जबकि गार्बेज फ्री सिटी (जीएफसी) और ओपेन डिफेक्शन फ्री (ओडीएफ) मामले में फिसड्डी रहा है। इसमें मात्र 58 प्रतिशत ही नंबर प्राप्त हुए हैं। ऐसे में नगर निगम को कमियों को दूर करने पर जोर देने की आवश्यकता है। क्योंकि इसी के चलते नगर निगम की रैंकिंग पिछड़ गई है।

प्रदेश स्तर पर टॉप फाइव शहरों की रैंकिंग
गाजियाबाद - दूसरी
अलीगढ़ - तीसरी
वाराणसी - चौथी
लखनऊ - पांचवीं
फिरोजाबाद - छठीं

तीसरी बार वाराणसी को मिला बेस्ड गंगा टाउन का खिताब

तीसरी बार वाराणसी को बेस्ड गंगा टाउन का खिताब मिला है। इसके पहले 2020 और 2021 में भी बेस्ड गंगा टाउन का खिताब मिल चुका है। इस सर्वेक्षण में देश के 88 शहरों ने प्रतिभाग किया था।

समारोह का निगम सभागार में हुआ लाइव प्रसारण

पुरस्कार वितरण समारोह का लाइव प्रसारण पूरे देश में हुआ। इसके लिए निगम के पीआरओ संदीप श्रीवास्तव की ओर से सभागार में कार्यक्रम का लाइव प्रसारण का आयोजन किया गया। इसे सभी पार्षदों और अधिकारियों ने देखा।

क्या कहते हैं अधिकारी 

2022 के मानक के अनुसार यदि रैंकिंग होती तो वाराणसी नगर निगम की रैंकिंग नौवीं या दसवीं होती। इसके बावजूद हमारा बेहतर कार्य है। प्रदेश में चौथा स्थान और गंगा बेस्ड टाउन में पहला स्थान मिला है। अगले साल और बेहतर करना है। 
- अशोक कुमार तिवारी, मेयर नगर निगम

दस लाख से अधिक की जनसंख्या वाले 446 शहरों में कराए गए स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम को 41वीं रैंक मिली है। जो वाराणसी के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। विगत वर्ष 2022 में हुए स्वच्छ सर्वेक्षण में दस लाख की आबादी वाले 65 शहरों में वाराणसी को 21 वां स्थान प्राप्त हुआ था। 
-अक्षत वर्मा, नगर आयुक्त, नगर निगम