'मेरा सैभाग्य... जीवन बदलने वाली उपलब्धि..', रामलला प्राण प्रतिष्ठा निमंत्रण पर बोले रामानंद सागर के बेटे मोती सागर,,,।
नई दिल्ली :: मशहूर टीवी सीरियल रामायण के निर्माता और फिल्म निर्माता रामानंद सागर के बेटे मोती सागर ने रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण मिलने पर आभार जताया है। मोती सागर ने कहा कि यह बहुत सौभाग्य की बात है कि मुझे यह निमंत्रण मिला है। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेना और आशीर्वाद लेना जीवन भर के लिए एक यादगार स्मृति रहेगी। उन्होंने मंदिर के निर्माण का श्रेय पीएम मोदी के प्रयासों को देते हुए समारोह के लिए की गई तमाम व्यवस्था की सराहना की। यह मंदिर पीएम मोदी के प्रयासों से बनाया गया है। मैं आज बहुत प्रसन्न हूं. यह जीवन बदलने वाली उपलब्धि है। मेरे पिता जहां भी होगे वहां वह बहुत प्रसन्न होंगे। अगर वह आज जीवित होते तो सबसे पहले जाते और कई बार जाते।
'भगवान राम ने हर रिश्ते का धर्म सिखाया'
मोती सागर ने यह भी कहा कि भगवान राम ने हर रिश्ते का धर्म सिखाया है। बेटे का धर्म माता-पिता के साथ, भाई का धर्म भाई के साथ, पिता का धर्म बच्चों के साथ, और उन लोगों का धर्म जो दुश्मन के साथ अपराध करते हैं। पूरा रामायण देखने के बाद हर किसी को भी एहसास होगा कि राम सबके हैं। हमें विभिन्न धर्मों के लोगों से संदेश मिले क्योंकि दो भाइयों के बीच झगड़ा हुआ था और रामायण देखने के बाद उन्होंने एक-दूसरे के साथ शांति बना ली।
रामानंद सागर की रामायण का पहला एपिसोड 25 जनवरी 1987 को प्रसारित हुआ था। शुरुआत में रामायण श्रृंखला में 45 मिनट के 52 एपिसोड शामिल करने की योजना बनाई गई थी। भारी मांग के कारण इसे तीन बार बढ़ाना पड़ा, अंततः 78 एपिसोड के बाद समाप्त करना पड़ा। 2000 में भारत सरकार ने सागर को पद्मश्री से सम्मानित किया।
अयोध्या में राम लला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए वैदिक अनुष्ठान मुख्य समारोह से एक सप्ताह पहले 16 जनवरी को शुरू हो गया। 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकंड का अति सूक्ष्म मुहूर्त निकाला गया है। जो 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड तक होगा।
चंपत राय ने कहा है कि राम मंदिर 23 जनवरी से आम जनता के लिए दर्शन के लिए खुला रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में श्री रामलला के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए 11 दिवसीय विशेष अनुष्ठान शुरू कर दिया है।