आज खिचड़ी पर्व पर लोगों ने किया गंगा में स्नान, भीषण सर्दी ने तोड़ा नौ साल का रिकॉर्ड, कुछ दिन और नहीं मिलेगी ठंड से राहत,,,।
वाराणसी में लगातार तीन दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड ने लोगों को कप कंपा दिया है। सोमवार की सुबह कोहरे के साथ हुई। दिन चढ़ने के साथ ही कोहरा छंटता गया, लेकिन गलन बरकरार रही। भीषण ठंड के बीच मकर संक्रांति के मौके पर श्रद्धालु भोर से ही गंगा घाट पर स्नान को पहुंचे। लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई और दान-पुण्य भी किया।
वाराणसी के दशासुमेध घाट पर लोगों की भीषण ठंड के बावजूद भारी भीड़ देखी गई। आस्था का जन सैलाब मौसम के ऊपर भारी पड़ गया। आज भी मौसम खराब होने के चलते सड़क पर वाहनों की बत्ती जलाकर आते जाते लोग दिखे। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार सप्ताह के आखिरी से ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है।
बता दें कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में रविवार को भी पूरे दिन धूप ठंड का कहर जारी रहा। शाम को गलन ने लोगों को और कंपा दिया। नौ साल बाद 14 जनवरी को सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। इससे पहले 2015 में अधिकतम तापमान 15.8 दर्ज किया गया था। रविवार को इस सीजन का सबसे कम अधिकतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण पछुआ हवा में नमी बढ़ गई है। दिन में भले ही धूप हो रही है, लेकिन लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। ऐसे में सोमवार को रामनगर, पड़ाव, कज्जाकपुरा, आदमपुर, शिवपुर, लहरतारा, कैंट, सामनेघाट, लंका, भगवानपुर के साथ ही ग्रामीण इलाकों में आराजीलाइन, राजातालाब, रोहनिया, पिंडरा सहित ग्रामीण इलाकों में अन्य दिनों की तुलना में गलन भी अधिक रही। उधर, रविवार को अधिकतम 13.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 8.4 रहा।
क्या कहते हैं मौसम विशेषज्ञ
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ अभी तीन-चार दिन और सक्रिय रहेगा। इस सप्ताह गुरुवार-शुक्रवार से ठंड से थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं।
पांच दिन में 10 डिग्री गिरा अधिकतम तापमान
पांच दिन में अधिकतम तापमान दस डिग्री सेल्सियस गिर गया है। जबकि न्यूनतम तापमान में भी चार डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। इसमें 10 जनवरी को अधिकतम तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि 14 जनवरी को तापमान 13.7 रिकाॅर्ड किया गया। इसके अलावा 10 जनवरी का न्यूनतम तापमान 12.5 और 14 जनवरी को 8.4 डिग्री दर्ज किया गया।