Ram Mandir Ayodhya: गर्भगृह में पूजन की पहली तस्वीर आई सामने, यजमान अनिल मिश्र ने स्थापित किया रामयंत्र,,,।
अयोध्या। कल बुधवार को शाम सात सात बजे से राममंदिर के गर्भगृह में पूजन प्रारंभ हो गया। गर्भगृह में श्रीराम यंत्र की स्थापना की गई। मुहूर्त निकालने वाले आचार्य गणेश्वर शास्त्री द्राविड़ ने यंत्र को स्थापित कराया।
यजमान डॉ. अनिल मिश्र ने यंत्र स्थापित किया। इस निमित्त एक घंटे तक पूजन चलता रहा। यंत्र के साथ ही आसन के नीचे कुल 45 द्रव्य रखे गए। नौ रत्नों में हीरा, पन्ना, मोती माणिक्य, पुखराज व लहसुनिया, मूंगा, नीलम, गोमेद के अलावा पारा, सप्तधान्य व विविधि औषधियां हैं।
इसी स्थान पर की जाएगी प्रतिमा की स्थापना
यह प्रकिया पूर्ण होने के बाद नवीन विग्रह को आसन पर प्रतिष्ठित किया जाएगा। इसी स्थान पर भगवान की प्रतिमा की स्थापना की जाएगी।
रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय, विहिप के केंद्रीय मंत्री दिनेशचंद्र आदि की उपस्थिति वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यंत्र की स्थापना की गई।
रामलला के चयनित मूर्ति की नौ विशेषताएं
-श्याम शिला की आयु हजारों साल होती है, यह जल रोधी होती है।
-चंदन, रोली आदि लगाने से मूर्ति की चमक प्रभावित नहीं होगी।
-पैर की अंगुली से ललाट तक रामलला की मूर्ति की कुल ऊंचाई 51 इंच है।
-चयनित मूर्ति का वजन करीब 150 से 200 किलो है।
-मूर्ति के ऊपर मुकुट व आभामंडल होगा।
-श्रीराम की भुजाएं घुटनों तक लंबी हैं।
-मस्तक सुंदर, आंखे बड़ी और ललाट भव्य है।
-कमल दल पर खड़ी मुद्रा में मूर्ति, हाथ में तीर व धनुष होगा।
-मूर्ति में पांच साल के बच्चे की बाल सुलभ कोमलता झलकेगी।
अचल मूर्ति की एक झलक पाने के लिए बेताब रहे अयोध्यावासी, दिन भर छाया रहा, उल्लास और उत्साह......।