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बीएचयू  के लापता जूनियर डॉक्टर का शव नैनी इलाके के गंगा में उतराया हुआ मिला, 2 दिन पहले यमुना में लगाई थी छलांग ,,,।

बीएचयू के लापता जूनियर डॉक्टर का शव नैनी इलाके के गंगा में उतराया हुआ मिला, 2 दिन पहले यमुना में लगाई थी छलांग ,,,।

प्रयागराज :: बीएचयू के जूनियर डॉक्टर का शव रविवार को नैनी इलाके के शिव मंगलम् गंगा घाट पर उतराया मिला। जूनियर डॉक्टर सौरभ अहिरवार (25) दो दिन से लापता थे। वह आत्महत्या करने की बात कहकर घर से निकले थे। प्रयागराज के नए यमुना ब्रिज पर उनकी बाइक लावारिस हालत में पाई गई थी। इसके बाद से ही उनके पुल से छलांग लगाने की आशंका जाहिर की जा रही थी। सीसीटीवी फुटेट के आधार पर उनकी खोजबीन की जा रही थी। जल पुलिस भी दो दिन से संगम में सर्च अभियान चला रही थी। 

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में तैनात डॉ. सौरभ अहिरवार का शव रविवार दोपहर दो बजे के लगभग यमुनापार इलाके के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत चाड़ी शिवमंगलम् गंगा घाट पर मिला। जल पुलिस की मदद से शव को पानी से बाहर निकल गया है। सूचना पर नैनी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। गुरुवार की रात उत्तराखंड के डॉ. कपिल ने पुलिस का सूचना दी थी कि उनके मित्र डॉ. सौरभ अहिरवार ने नए यमुना पुल से नीचे कूदकर आत्महत्या कर ली है।

उसकी बाइक पुल पर खड़ी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने बाइक को कब्जे में लेकर उसकी तलाश शुरू की। शुक्रवार को गोताखोरों को पुल के नीचे पानी में उतारा गया था, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। शनिवार को भी पुलिस उसकी तलाश में लगी रही, लेकिन सफलता नहीं मिली। तहरीर के आधार पर गुमशुदगी का केस दर्ज कर डा. सौरभ की तलाश की जा रही थी।

मध्य प्रदेश के अनूपपुर के रहने वाले थे सौरभ

सौरभ पुत्र सुखराम अहिरवार मूलरूप से मध्य प्रदेश के अनूपपुर के रहने वाले थे। वह बीएचयू के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस स्थित त्वचा विज्ञान विभाग में जूनियर रेजीडेंट तैनात थे। उनेके साथी डॉ.कपिलदेव शर्मा निवासी पुराल उत्तरकाशी, उत्तराखंड ने बताया कि सौरभ ने शुक्रवार रात 11 बजे के करीब घरवालों को एक रिकाॅर्डेड ऑडियो भेजा। इसमें वह यह कहते हुए सुनाई दिए कि उसने अपनी बाइक प्रयागराज स्थित नए यमुना पुल पर छोड़ दी है और वह पुल से नदी में कूदकर जान देने जा रहा है।

यह सुनकर घरवाले घबरा गए और उसके कपिल समेत अन्य दोस्तों को सूचना दी। इसके बाद फोन से बताया गया तो नैनी पुलिस नए यमुना पुल पर पहुंची। यहां पूर्व में बने टोल टैक्स बूथ के पास एक यमाहा एफजेड बाइक लावारिस हालत में मिली। घरवालों को जानकारी दी गई तो पता चला कि वह सौरभ की ही बाइक है। रात में ही खोजबीन की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला।

देर रात उसके तीन दोस्त भी वाराणसी से आ गए। शुक्रवार सुबह एक बार फिर खोजबीन शुरू की गई। पुलिस ने आसपास के इलाकों तो जल पुलिस ने यमुना नदी में तलाश शुरू की। जल पुलिस की टीम ने नैनी से दारागंज, छतनाग, लवायन, फाफामऊ तक सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन कुछ पता नहीं चला। शाम को अंधेरा होने पर खोजबीन रोक दी गई। 

कभी कोई परेशानी की बात नहीं बताई

दोस्त की तलाश में वाराणसी से आए तीन मेडिकल छात्रों में कपिल के अलावा यशवंत कुमार रेड्डी व राजकुमार मीणा भी शामिल रहे। यशवंत ने बताया कि सौरभ ने कभी किसी तरह की परेशानी की बात नहीं बताई। पढ़ाई-लिखाई को लेकर भी कोई परेशानी नहीं थी। ऐसे में वह भी नहीं समझ पा रहा है कि ऐसा कैसे हो गया। उसने यह भी बताया कि सौरभ कब हॉस्टल से निकला, इस बारे में भी किसी को नहीं पता चल सका। रात में जब घरवालों का फोन आया, तब सभी को जानकारी हुई।

एक दिन पहले निकला था वाराणसी से

पुलिस के मुताबिक दोस्तों ने यह भी बताया कि सौरभ एक दिन पहले वाराणसी से निकला था। 13 की रात हॉस्टल में रहने वाले दोस्तों से हेलमेट मांगा था। पूछने पर कहा, कुछ काम से जा रहा है। पुलिस ने बताया कि मौके पर बाइक मिली है, लेकिन मोबाइल नहीं मिला।