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'रोजगार सृजन में लगातार सुधार, युवा वर्ग में बेरोजगारी सबसे ज्यादा, पर यह अस्थायी', बोलीं आशिमा गोयल, एमपीसी सदस्य...

'रोजगार सृजन में लगातार सुधार, युवा वर्ग में बेरोजगारी सबसे ज्यादा, पर यह अस्थायी', बोलीं आशिमा गोयल, एमपीसी सदस्य...

नईदिल्ली। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की सदस्य आशिमा गोयल ने कहा, देश के युवा वर्ग में बेरोजगारी सबसे ज्यादा है। हालांकि, यह अस्थायी है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि युवा कौशल हासिल करने व उद्यम शुरू करने में ज्यादा समय लगाते हैं।मजबूत वृद्धि के साथ रोजगार सृजन में लगातार सुधार भी हो रहा है।

उन्होंने कहा, अधिक योग्य लोगों में युवा बेरोजगारी ज्यादा है, लेकिन वे ज्यादा वेतन भी कमाते हैं। इंतजार के दौरान वे अनौपचारिक क्षेत्र में काम करते हैं या उद्यमिता में जोखिम उठाते हैं। एमपीसी सदस्य ने कहा, बेहतर स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, बीमा, शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण सुविधाओं के जरिये युवाओं के लिए अवसरों को बढ़ाया जा सकता है। स्थायी सरकारी नौकरियों के जरिये ऐसा संभव नहीं है क्योंकि उनमें ठहराव है। 

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के मुताबिक, भारत में बेरोजगारी दर घटी है। 2019 में यह 17.5 फीसदी थी, जो 2023 में घटकर 10 फीसदी रह गई। 

विकसित देशों में निवेश से घट रहा FDI 

देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) घटने पर गोयल ने कहा, ऐसा इसलिए क्योंकि विकसित देशों में फिर से निवेश के प्रयास हो रहे हैं। वे आर्थिक सुरक्षा बढ़ाने के साथ निवेश को वापस आने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। चुनाव से नीतिगत अनिश्चितता भी है। भारत उन निवेश संधियों को सही कर रहा है, जो विदेशी पूंजी की पक्षपाती थीं। भारतीय अदालतों में होने वाली देरी को कम करने की जरूरत है ताकि हमारी कानूनी प्रणाली में विश्वास बेहतर हो सके।

भारत के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल

चीन प्लस वन रणनीति का लाभ उठाने में भारत के सक्षम होने पर गोयल ने कहा, भारत के लिए अमेरिकी ट्रेजरी या अन्य उच्च प्रति व्यक्ति आय वाले देशों की सरकारों के साथ प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल है क्योंकि वे अलग तरीके से प्रोत्साहन देते हैं। हालांकि, हम वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में घरेलू कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सहयोग का इस्तेमाल कर सकते हैं।