वाराणसी :: नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले गिरोह का भंडाफोड़, क्राइम ब्रांच और शिवपुर पुलिस के संयुक्त अभियान में दो हुए गिरफ्तार...
वाराणसी, ब्यूरो। क्राइम ब्रांच और शिवपुर पुलिस ने नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। डीसीपी क्राइम चंद्रकांत मीणा ने शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में मीडिया को जानकारी दी। बताया कि गिरोह में शामिल एक महिला समेत दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। बाकी अन्य की तलाश की जा रही है।
आरोपियों ने भोजूबीर में वीके ग्रुप ऑफ कंपनीज नाम से दफ्तर खोल रखा था। पुलिस टीम ने यहां छापेमारी कर गिरफ्तारी की। गिरफ्तार आरोपियों में जय प्रकाश नगर गोंडा गढ़ी मेडू उत्तर पूर्वी दिल्ली निवासी नितिन कुमार उपाध्याय ( मूल निवासी ग्राम आनापुर भीखीपुर थाना चांदा जनपद सुल्तानपुर), हुकुलगंज निवासी रेशमा हैं।
पुलिस को पूछताछ में उन्होंने बताया कि विभिन्न कंपनियों जैसे पारले जी, बिस्लेरी, अमूल डेयरी तथा एयरपोर्ट में प्राइवेट नौकरी दिलवाने का पंपलेट छपवाकर प्रचार-प्रसार करते हैं तथा पंपलेट पर छपे मोबाईल नंबर पर जो भी बेरोजगार संपर्क करता है, उससे उसका मार्कशीट व अन्य डाक्युमेंट ऑनलाइन व्हाट्सएप पर मंगाकर नौकरी दिलाने का भरोसा देकर रुपया ले लेते हैं और फर्जी ज्वाइनिंग लेटर बनाकर व्हाट्सएप पर भेज देते हैं।
इन लोगों की कंपनी कहीं रजिस्टर्ड नहीं है। दोनों ने साथ ऑफिस में चार अन्य लड़कियों को आफिस के कार्य हेतु छः-सात हजार रूपये प्रति महीने की नौकरी पर रखे हैं जो लगभग 02 महीनों से कार्य कर रही हैं। पूछताछ में बताया कि कम समय में अधिक पैसा कमाने के लालच मे फर्जी कंपनी खोल कर हम लोग बेरोजगार लोगों को झांसे में लेकर उनको फर्जी ज्वाइनिंग ट्रेनिंग लेटर देकर पैसे अपने बैंक के खाता में और अपने ऑफिस के नौकर संदीप जो चंदौली का रहने वाला है, उसके खाते में भी मंगवा लेते हैं। कभी-कभी अभियुक्त नितिन उपाध्याय अपने पिता के बैंक खाते में भी पैसा मंगवा लेता था।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में शिवपुर थाना प्रभारी निरीक्षक रविशंकर त्रिपाठी, क्राइम ब्रांच प्रभारी मनीष मिश्र, उप निरीक्षक गौरव कुमार सिंह, विनोद विश्वकर्मा, मुख्य आरक्षी विजयशंकर राय, चन्द्रभान ब्रह्मदेव, कांस्टेबल आलोक मौर्या, मयंक त्रिपाठी, मनीष कुमार बघेल आदि थे।