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सिगनेचर ब्रिज बनने से पहले रेलवे का भदऊचुंगी डॉट पुल टू से होगा सिक्स लेन,सर्वे का कार्य हुआ पूरा, डेढ़ साल में पुल बनाने का लक्ष्य...

सिगनेचर ब्रिज बनने से पहले रेलवे का भदऊचुंगी डॉट पुल टू से होगा सिक्स लेन,सर्वे का कार्य हुआ पूरा, डेढ़ साल में पुल बनाने का लक्ष्य...

वाराणसी, ब्यूरो। वाराणसी जिले के मालवीय पुल राजघाट को जोड़ने वाला रेलवे का भदऊ डॉट पुल टू लेन से सिक्स लेन किया जाएगा। इसे डेढ़ साल में बनाने का लक्ष्य है। यह काम सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण से पहले पूरा किया जाएगा। भदऊ डॉट पुल के नीचे से वाहन और ऊपर से काशी-कैंट रेलवे ट्रैक से ट्रेनें गुजरती हैं। 

काशी रेलवे स्टेशन के विस्तार के दौरान रेलवे ट्रैक का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। प्लेटफॉर्म की लंबाई डॉट पुल तक की जा रही है। अभी सिर्फ रेलवे ट्रैक है। रेल अधिकारियों के अनुसार, सिग्नेचर ब्रिज सिक्सलेन का बनेगा। ऊपर सिक्सलेन सड़क और नीचे रेलवे ट्रैक चार लेन का होगा।

इसी हिसाब से भदऊ डॉट पुल को भी सिक्स लेन किया जा रहा है। इसका सर्वे पूरा हो गया है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार है। सिक्स लेन के लिए रेलवे की अनुपयोगी जमीन इस्तेमाल में लाई जाएगी। इंजीनियरिंग टीम ने रिपोर्ट भी तैयार की है। काम शुरू होने से पहले ट्रेनों और नीचे से गुजरने वाले वाहनों को डायवर्ट करने की योजना पर मंथन चल रहा है। कैंट स्टेशन निदेशक गौरव दीक्षित ने बताया कि रेलवे डॉट पुल की चौड़ाई बढ़ाने की योजना है।

जलभराव से मिलेगी मुक्ति

भदऊ डॉट पुल के नीचे हल्की बारिश में भी जलभराव हो जाता है। इस बीच दोनों तरफ से जाम लगता है। वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। सिक्सलेन होने के बाद जाम और जलभराव की समस्या से आम जनता को निजात मिल जाएगी। और वाहन भी रफ्तार भर सकेंगे।